वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमानों के हित में है और वक्फ बोर्ड को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है- अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखी । उन्होंने कहा कि यह विधेयक मुसलमानों के हित में है और वक्फ बोर्ड को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है ।

वक्फ संशोधन विधेयक के चर्चा के दौरान गृहमंत्री अमित शाह
delhi
9:50 PM, April 2, 2025
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा के दौरान अपनी बात रखी । उन्होंने कहा कि यह विधेयक मुसलमानों के हित में है और वक्फ बोर्ड को मजबूत बनाने के लिए लाया गया है । अमित शाह ने यह भी कहा कि विपक्षी दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं क्योंकि वे मुसलमानों के वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं ।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2013 में वक्फ कानून बनाया गया; अगर ऐसा नहीं किया जाता तो शायद इस विधेयक की जरूरत ही नहीं पड़ती। अमित शाह ने कहा कि क्फ परिषद और बोर्ड का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का दुरूपयोग करने वालों को पकड़ना है। अमित शाह ने सदन को बताया है कि वक्फ परिषद और बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को शामिल किया गया है; ये निकाय पूरी तरह से घोषित उद्देश्यों के अनुरूप संपत्तियों का प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए हैं। उन्होंने ये भी बताया कि वक्फ परिषद, वक्फ बोर्ड 1995 में अस्तित्व में आए। धार्मिक मामलों में गैर-मुस्लिमों की कोई भूमिका नहीं होगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अनजाने में या राजनीतिक कारणों से, विपक्षी सांसदों द्वारा कई गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं । वक्फ का मतलब है ‘अल्लाह के नाम पर धार्मिक दान के लिए दान’ । वक्फ एक प्रकार का धर्मार्थ बंदोबस्ती है जिसे वापस लेने का कोई इरादा नहीं है। वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुस्लिम सदस्य को नियुक्त करने का कोई प्रावधान नहीं है। हम ऐसा नहीं करना चाहते । मुसलमानों के धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अनजाने में या राजनीतिक कारणों से, विपक्षी सांसदों द्वारा कई गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं । वक्फ का मतलब है ‘अल्लाह के नाम पर धार्मिक दान के लिए दान’ । वक्फ एक प्रकार का धर्मार्थ बंदोबस्ती है जिसे वापस लेने का कोई इरादा नहीं है। वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुस्लिम सदस्य को नियुक्त करने का कोई प्रावधान नहीं है। हम ऐसा नहीं करना चाहते । मुसलमानों के धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।