कार्यशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी ने गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलित कर किया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने आगाह किया कि मलेरिया एक घातक रोग है, जिसका वाहक मादा एनाफिलिज होती है, यह मादा मच्छर रात को काटती है, इसलिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करे, इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोनभद्र ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2007 में 25 अप्रैल को ‘‘विश्व मलेरिया दिवस‘‘ रूप में घोषित किया, उन्होने आगे बताया कि जनपद सोनभद्र में जहाँ वर्ष 2017 में 80655 जॉच हुयी थी और मलेरिया के 6034 रोगी चिन्हित हुए थे, वहीं वर्ष 2024 में 219203 जाँचें हुयी तथा मात्र 270 मलेरिया के चिन्हित हुये, रोगियों की संख्या में यह कमी चिकित्सा विभाग द्वारा चलायें गये विभिन्न कार्यक्रमों जैसे संचारी रोग नियंत्रण अभियान, विशेष मलेरिया स्वास्थ्य शिविर इत्यादि के कारण सम्भव हो सका है।