सोनभद्र

Sonbhadra News : स्वास्थ्य समिति की बैठक में बिफरे डीएम, कई पर कार्यवाही का दिया निर्देश

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

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जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

नसबंदी भुगतान में शिथिलता बरतने पर प्राचार्य मेडिकल कॉलेज और सीएमएस से स्पष्टीकरण तलब

टीकाकरण, प्रसव, प्रसव पूर्व जाँच में रूचि न लेने वाली 40 आशा बहुओं को दी अंतिम चेतावनी, कार्य में सुधार नहीं होने पर होगी सेवा समाप्त

डीएम को स्वास्थ्य सेवाओं के क्रियान्वयन में मिली लापरवाही, नगवां, चोपन, घोरावल, म्योरपुर के चिकित्सा अधीक्षक को पद से हटाया

बैठक में अनुपस्थित केकराही व चतरा चिकित्साधीक्षकों के एक दिन वेतन काटने का दिया निर्देश

सोनभद्र । उत्तर प्रदेश सरकार पूरे देश में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के दावे करती भले ही नजर आ रही हो, सोनभद्र का स्वास्थ्य महकमा लगातार प्रदेश सरकार के दावों की पोल खोल रहा है या यूं कहें कि जिले के स्वास्थ्य महकमें के जिम्मेदार अधिकारी सरकार की योजनाओं में पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सोमवार की शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान ज़ब डीएम ने ज़ब स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करना शुरू किया तो स्वास्थ्य अधिकारी बंगले झाँकने लगे। जिस पर भड़के डीएम ने जहाँ चार चिकित्सा अधीक्षकों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया वहीं प्राचार्य मेडिकल कॉलेज और सीएमएस मेडिकल कॉलेज तथा प्रशिक्षण के लिए नामित सभी नोडल अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है जबकि बैठक से अनुपस्थित दो चिकित्सा अधीक्षकों के एक दिन के वेतन काटने का निर्देश दे दिया। वहीं डीएम ने टीकाकरण, प्रसव आदि में रूचि न लेने वाली आशाओं को नोटिस जारी करते हुए सेवा समाप्ति के लिए सीएमओ को निर्देशित किया।

सोमवार की शाम जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक की। बैठक के दौरान ज़ब जिलाधिकारी ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किये जाने के लिए दिये जाने वाले प्रशिक्षण के प्रगति की समीक्षा की तो प्रशिक्षण की प्रगति धीमी पायी गयी, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण हेतु नामित सभी नोडल अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने की निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व की जाने वाली जाॅच की प्रगति धीमी पाए जाने पर पर जिलाधिकारी ने समस्त चिकित्सा अधीक्षकों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिया।

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हटाए गए नगवां, चोपन, घोरावल, म्योरपुर के चिकित्सा अधीक्षक –

इसी प्रकार से जिलाधिकारी ने जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शासन द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने हेतु चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के प्रगति की समीक्षा की तो नगवां, चोपन, घोरावल, म्योरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं से सम्बन्धित कार्यों की मानीटरिंग व प्रगति धीमी पायी गयी। जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि इन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनात चिकित्सा अधीक्षकों के स्थान पर किसी अन्य चिकित्सा अधीक्षकों की तैनाती किए जाने हेतु निर्देशित किया। वहीं जिला संयुक्त चिकित्सालय में नसबन्दी में भुगतान की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्राचार्य मेडिकल कालेज, सी0एम0एस0, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिया । वहीं बैठक में अनुपस्थित केकराही व चतरा के चिकित्सा अधीक्षक का एक दिन का वेतन काटने का का निर्देश दिया।

सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व सब सेन्टरों पर भी कराएं जाएं प्रसव – डीएम

संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व सब सेन्टरों पर डिलेवरी की प्रगति धीमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रसव न कराकर घर पर प्रसव या अन्य प्राइवेट चिकित्सालयों में प्रसव को बढ़ावा देने पर रोक लगायी जाये और सभी आशा और एएनएम की जिम्मेदारी तय करते हुए यह सुनिश्चित कराया जाये कि प्रसव सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व सब सेन्टरों पर भी कराये जायें। घर पर प्रसव होने पर अनेकों प्रकार की समस्याएं होने की संभावना बनी रहती है, इसके लिए विभिन्न स्तरों पर मानीटरिंग सुनिश्चित की जाये कि घर पर प्रसव न होने पायें, इसका विशेष ध्यान दिया जाये। वहीं प्रसव, प्रसव पूर्व जाॅच, टीकाकरण, नसबन्दी प्रक्रिया में कई आशाओं द्वारा रूचि नहीं लिए जाने के मामले में सीएमओ को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कार्य में शिथिलता बरतने वाली आशा बहुओं को नोटिस जारी की जाये, यदि कार्य पद्धति में सुधार नहीं होता है तो उनके विरूद्ध सेवा समाप्ति की कार्यवाही की जायें।

सीएमओ ने जारी की कार्य में रूचि न लेने वाली आशाओं की सूची

कार्य में शिथिलता बरतने वाली व खराब प्रगति वाली आशा बहुओं में घोरावल ब्लाक के ममता, राधा, रीता देवी साकेत, कृष्णावती देवी, कुमारी सावित्री देवी, म्योरपुर ब्लाक के लीलावती देवी,  शाहनाज बेगम, शान्ती देवी, शबनम खातून, चन्द्रावती देवी, नगवां ब्लाक के रेखा देवी, अनीता, दुईजी, सुमन, शैला, राबर्ट्सगंज ब्लाक के गुजराती देवी, लालसा देवी, रीता देवी, देव कुमारी, सुशीला देवी, बभनी ब्लाक के कुसुम देवी, नीलम देवी, चंचला देवी, तारा देवी, सुनैना देवी, चतरा ब्लाक के शिव कुमारी, उषा देवी, उषा देवी, कमलावती, धर्मशीला, चोपन ब्लाक के शिखा देवी, सोना देवी, हिरावती, सविता, मीना देवी, दुद्धी ब्लाक के आशा देवी, कुमारी सुनीता यादव, पूजा देवी, पवित्री देवी, पूनम देवी शामिल हैं।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सौरभ गंगवार, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 अश्वनी कुमार, ए0सी0एम0ओ0 डाॅ0 आर0जी0 यादव, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।

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