सोनभद्र

Sonbhadra News: मॉडल बनेंगे 648 गांव, दौड़ेगा विकास का पहिया

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

मो0नं0 – 7007444590

सोनभद्र । वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले के 648 गांवों को मॉडल बनाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत चिह्नित गांवों में जल्द ही विकास का पहिया दौड़ेगा। इसके लिए डीपीआरओ ने इसी महीने सभी गांवों में कराने वाले कार्यों की योजना तैयार करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने एक सप्ताह में सभी चिन्हित गांवों की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजने के आदेश दिए हैं, जिससे बजट मिलते ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, सड़क, नाली आदि जरूरी विकास कार्य शुरू कराए जा सके।

जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों में प्रसाधनों की व्यवस्था करने के बाद गांवों में धार्मिक स्थलों, स्कूलों, पंचायत भवनों, सचिवालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, गलियों, चौराहों के सुंदरीकरण के लिए कायाकल्प का काम कराकर मॉडल बनाने का काम शुरू किया गया है। 2023-24 में जिले में कुल 654 गांवों को चुना गया था। पूर्व में चयनित गांवों में विकास कार्य चल भी रहे हैं।

शासन की मंशा पर वर्ष 2024-25 में जिले में 648 राजस्व गांवों को मॉडल बनाने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए विकास की योजना बनवाने का काम शुरू हो गया है। गांवों में कराए जाने वाले कार्यों की योजना तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। बजट मिलते ही काम शुरू कराए जाएंगे।

डीपीआरओ नमिता शरण ने समीक्षा करके एक सप्ताह में सभी चयनित गाँवों की कार्ययोजना उपलब्ध कराने के आदेश संबंधित एडीओ पंचायतों को दिए है। 30 जुलाई तक हर हाल में सभी गांवों की कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए हैं, जिससे समय से गांवों में काम कराकर उन्हें मॉडल बनाया जा सके।

सभी गांवों में बनेंगे रिसोर्स रिकवरी सेंटर –

जिले में चिह्नित 648 गांवों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर निर्माण कराया जाएगा। यहां पर ठोस और तरल कचरे को अलग करके कचरे को उपयोगी बनाने का काम होगा। इससे बायोगैस और जैविक खाद भी तैयार कराने की तैयारी है। इस काम में स्वयं सहायता समूहों से सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा शोकपिट, सीसी रोड और नालियों के निर्माण का काम भी होगा। गली व चौराहे पर प्रकाश की व्यवस्था होगी। तालाबों का सुंदरीकरण करने के साथ निर्मल बनाया जाएगा।

डीपीआरओ नमिता शरण ने बताया कि “जिले में चालू वित्तीय वर्ष के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 688 गांवों को मॉडल बनाने के लिए चिह्नित किया गया है। कार्ययोजना तैयार कराई जा रही है। शासन से बजट मिलते ही गांवों में तय मानकों के अनुरूप काम शुरू कराया जाएगा।”

सम्बन्धित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button