कौन थी माया ? जिसका पुलिस ने पूरे राजकीय सम्मान व नम आंखों से दी अंतिम विदाई
बड़ी-बड़ी वारदातों का खुलासा करने वाली माया की शुक्रवार को मृत्यु हो गयी । माया कई दिनों से बीमार चल रही थी । मृत्यु के बाद पुलिस कर्मियों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ माया की अंतिम विदाई दी गयी ।

डॉग माया को अंतिम विदाई देते पुलिस अधिकारी
mirzapur
6:55 PM, October 18, 2024
जनपद न्यूज ब्यूरो
मिर्जापुर । क्राइम की वारदात को सुलझाने में जितनी बड़ी भूमिका पुलिस टीम की होती है, उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका डॉग की भी होती है । किसी बड़ी घटना के बाद सबसे पहले डॉग स्क्वाट को भेजा जाता है ताकि गुत्थी को सुलझाने में मदद मिल सके । ऐसे ही बड़ी-बड़ी वारदातों का खुलासा करने वाली माया की शुक्रवार को मृत्यु हो गयी । माया कई दिनों से बीमार चल रही थी । मृत्यु के बाद पुलिस कर्मियों ने पूरे राजकीय सम्मान के साथ माया की अंतिम विदाई दी गयी ।
मिर्जापुर पुलिस लाइन के डॉग स्क्वायड टीम में 2017 से मादा श्वान माया नाम की डॉगी तैनात थी । मिर्जापुर, सोनभद्र व भदोही में क्राइम की गुत्थी सुलझाने में माया का कोई जबाब नहीं था । ट्रैकर मादा श्वान-माया (लेब्राडोर ब्रीड) का जन्म 13 जनवरी 2016 को हुआ था । जिसकी ट्रेनिंग टेकनपुर, ग्वालियर,मध्य प्रदेश में हुई थी । माया से 2017 से 2019 तक जनपद मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही में कार्य लिया जा रहा था। वर्ष 2019 से अब तक जनपद मिर्जापुर व सोनभद्र में कार्य लिया जा रहा था । मादा श्वान माया का पिछले 10 सितंबर से स्वास्थ खराब चल रहा था । जिसका इलाज बीएचयू बरकछा पशु अस्पताल में कराया जा रहा था। लेकिन उसकी तबियत लगातार बिगड़ते जा रही थी और आखिरकार इलाज के दौरान आज 18 अक्टूबर को माया का निधन हो गया । निधन की खबर के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गयी । माया का पुलिस लाइन में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शोक संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुलिस विभाग में माया की क्या अहमियत व सम्मान था यह इस बात से पता चलता है कि पुलिस अधीक्षक अभिनंदन और अपर पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने नम आंखों श्रद्धांजलि देने के साथ ही अर्थी को कंधा भी दिया।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने माया के अहम योगदान को लेकर याद किया और कहा कि माया की यादें सदैव हमारे दिलों में रहेगी ।




