UP News : योगी सरकार ने दिया साक्षर भारत योजना के प्रेरकों को बड़ी राहत, 398 करोड़ के बकाया मानदेय भुगतान को कैबिनेट की मंजूरी
योगी के कैबिनेट बैठक में साक्षर भारत योजना के तहत कार्यरत रहे शिक्षा प्रेरकों और जिला व ब्लॉक समन्वयकों के बकाया मानदेय के भुगतान से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।

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9:09 PM, August 25, 2026
- 95 हजार से अधिक प्रेरकों व समन्वयकों को मिलेगा लाभ, बीएसए की उपस्थिति प्रमाणन के बाद होगा भुगतान
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में साक्षर भारत योजना के तहत कार्यरत रहे शिक्षा प्रेरकों और जिला व ब्लॉक समन्वयकों के बकाया मानदेय के भुगतान से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।
कैबिनेट से पारित प्रस्ताव के अनुसार केंद्र प्रायोजित ‘साक्षर भारत योजना’ 31 मार्च 2018 को समाप्त हो गई थी। इसके तहत प्रदेश में 256 जिला समन्वयक, 746 ब्लॉक समन्वयक और 94,360 शिक्षा प्रेरक कार्यरत थे, जिनका मानदेय बकाया चल रहा था।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा से जुड़े हर वर्ग के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि साक्षर भारत योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले प्रेरकों और समन्वयकों ने प्रदेश में साक्षरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में कैबिनेट ने उनके हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह फैसला हमारे शिक्षा परिवार के अंतिम पायदान पर खड़े कार्यकर्ताओं को सम्मान और न्याय देने वाला है।
अपर मुख्य सचिव बेसिक पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 की ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कुल बकाया धनराशि ₹401.25 करोड़ थी, जिसमें से न्यायालय के आदेशानुसार व्यय धनराशि घटाने के बाद वर्तमान में कुल देयता ₹398.18 करोड़ अवशेष है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के मुख्य बैंक खाते में उपलब्ध ₹137.65 करोड़ के बाद अवशेष ₹260.53 करोड़ की धनराशि को अवमुक्त किया जाना है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ₹336.91 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
भुगतान की प्रक्रिया के तहत यह राशि निदेशक (साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ) के निवर्तन पर रखी जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रेरकों व समन्वयकों की उपस्थिति प्रमाणित किए जाने के उपरांत भुगतान की कार्यवाही संपन्न की जाएगी।




