UP, News : AMU में खाने की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का हंगामा, प्रॉक्टोरियल टीम पर बदसलूकी के आरोप
प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि मेस के खाने में बार-बार गड़बड़ी सामने आ रही है और भोजन में कीड़े मिलने की शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

aligarh
12:03 PM, September 14, 2026
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के अब्दुल्लाह हॉल में खाने की गुणवत्ता को लेकर छात्राओं ने जमकर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने प्लेट और चम्मच बजाकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि मेस के खाने में बार-बार गड़बड़ी सामने आ रही है और भोजन में कीड़े मिलने की शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
छात्राओं का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने खाने की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज छात्राओं ने सामूहिक रूप से प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की।
प्रॉक्टोरियल टीम पर धक्का-मुक्की और बदसलूकी के आरोप
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच कथित तौर पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। छात्राओं ने आरोप लगाया कि मेल प्रॉक्टोरियल टीम के कुछ सदस्यों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। छात्राओं ने इस व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारी छात्राओं ने यह भी सवाल उठाया कि छात्राओं के विरोध-प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की क्या नीति है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रॉक्टोरियल टीम की कार्यशैली पर उठे सवाल
पूरे घटनाक्रम के बाद प्रो. मोहम्मद नवेद खान के नेतृत्व वाली प्रॉक्टोरियल टीम की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्राओं का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता जैसी मूलभूत समस्या का समाधान संवाद और कार्रवाई के जरिए किया जाना चाहिए, न कि कथित तौर पर दबाव या बदसलूकी के जरिए।
छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि मेस के भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, शिकायतों का स्थायी समाधान किया जाए और प्रदर्शन के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले में निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल
लगातार सामने आ रही शिकायतों और विवादों के बीच AMU प्रशासन तथा कुलपति की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। छात्राओं का आरोप है कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता, तो प्रदर्शन की स्थिति पैदा नहीं होती।
फिलहाल, इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और आरोपों पर स्पष्टता हो सकेगी।




