UP News : अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग के विरुद्ध प्रदेशव्यापी प्रवर्तन अभियान जारी- माला श्रीवास्तव
प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान संचालित किया जा रहा है।

sonbhadra
8:39 PM, May 30, 2026
- उपखनिजों के अवैध खनन एवं परिवहन पर सरकार की बड़ी कार्यवाही
- 7,339 वाहनों पर कार्रवाई, 33.71 करोड़ रुपये का अधिरोपण
लखनऊ । प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन तथा ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर प्रवर्तन अभियान संचालित किया जा रहा है। सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव के निर्देश पर जनपद एवं निदेशालय स्तर से माह अप्रैल, 2026 से पूरे प्रदेश में सतत एवं सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनपदों में खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ खनिजों का परिवहन करते पाए गए। वहीं जिन वाहनों में अवैध परिवहन अथवा ओवरलोडिंग की पुष्टि हुई, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की गई।
अब तक की कार्रवाई में कुल 7,339 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 33 करोड़ 71 लाख रुपये का अधिरोपण किया गया है। इनमें से 28 करोड़ 31 लाख रुपये की धनराशि संबंधित पक्षों से जमा भी कराई जा चुकी है।
अभियान की समीक्षा करते हुए सचिव एवं निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध आईएसटीपी (Inter-State Transit Pass) के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपदों में संचालित खनन क्षेत्रों के सोर्स प्वाइंट पर ही निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
माला श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार उपखनिजों के अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रही है तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।




