UP News : महोबा में जिरकोनियम खनिज की खोज से बुन्देलखण्ड में निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं
जनपद महोबा के हरपालपुर-महोबकान्त क्षेत्र में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र, लखनऊ द्वारा जिरकोनियम खनिज की प्रारम्भिक खोज की गई थी।

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10:02 PM, September 12, 2026
० ललितपुर में 18.83 लाख टन फॉस्फोराइट खनिज का भण्डार सिद्ध, उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल
० अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर और कसेगा शिकंजा, नई नियमावली-2026 का ड्राफ्ट सुझावों के लिए जारी- माला श्रीवास्तव
लखनऊ। सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उत्तर प्रदेश, माला श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद महोबा के हरपालपुर-महोबकान्त क्षेत्र में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, उत्तरी क्षेत्र, लखनऊ द्वारा जिरकोनियम खनिज की प्रारम्भिक खोज की गई थी। अन्वेषण के दौरान जिरकोनियम की मात्रा 229 ग्राम प्रति टन से 1125 ग्राम प्रति टन तक पाई गई, जिसमें अधिकतम मात्रा निर्धारित कट-ऑफ ग्रेड 771 ग्राम प्रति टन से अधिक है। खनिज के गहन एवं विस्तृत अन्वेषण के लिए खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटिजिक मिनरल के अंतर्गत एक्सप्लोरेशन लाइसेंस हेतु एनआईटी प्रकाशित की गई थी। इसमें मेसर्स माहेश्वरी माइनिंग प्रा. लि., पश्चिम बंगाल द्वारा उच्चतम बोली लगाए जाने के फलस्वरूप उन्हें प्रिफर्ड बिडर घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 11 सितंबर, 2026 को एलओआई भी निर्गत कर दी गई है।
माला श्रीवास्तव ने बताया कि जिरकोनियम खनिज का उपयोग मुख्य रूप से परमाणु ऊर्जा संयंत्रों, रासायनिक उद्योगों, आभूषण एवं रत्न तथा दंत चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। प्रदेश में जिरकोनियम खनिज के संभावित भण्डार मिलने से आने वाले समय में राज्य सरकार को राजस्व प्राप्त होने के साथ ही बुन्देलखण्ड क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जनपद ललितपुर में उपलब्ध फॉस्फोराइट खनिज के ब्लॉक-01 को वर्ष 2022 में मेसर्स आर.एस.एच.एस.एम. कॉमर्स प्रा. लि. के पक्ष में कम्पोजिट लाइसेंस पर स्वीकृत किया गया था। संबंधित फर्म द्वारा उक्त ब्लॉक में अन्वेषण कार्य पूर्ण कर 18,83,538 टन फॉस्फोराइट खनिज का भण्डार सिद्ध किया गया है। इसके उपरान्त उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खनन पट्टा प्रदान किए जाने हेतु 11 सितंबर, 2026 को एलओआई निर्गत कर दी गई है। फॉस्फोराइट खनिज का उत्पादन प्रारम्भ होने से प्रदेश में उर्वरक उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ेगी और उर्वरक उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बल मिलेगा।
माला श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण निवारण) नियमावली, 2018 (यथा संशोधित) का अधिक्रमण करते हुए उत्तर प्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण निवारण) नियमावली, 2026 प्रख्यापित की जा रही है। नई नियमावली के प्रभावी होने से अवैध खनन, अवैध परिवहन एवं अवैध भण्डारण के विरुद्ध कार्रवाई को और प्रभावी एवं सशक्त बनाया जा सकेगा। नियमावली के ड्राफ्ट को आम जनमानस एवं स्टेकहोल्डर्स से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिए विभागीय वेबसाइट dgmup.gov.in पर 15 दिनों के लिए अपलोड किया जा रहा है। विभाग द्वारा प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




