UP News : स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर, SDM की बेटी को लगाया एक्सपायरी इंजेक्शन, दो फार्मासिस्ट निलंबित
लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ट्रॉमा सेंटर में लालगंज एसडीएम वाचस्पति सिंह की आठ वर्षीय बेटी को एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन लगाए जाने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है......

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9:33 PM, August 29, 2026
जनपद न्यूज ब्यूरो
प्रतापगढ़ । लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के ट्रॉमा सेंटर में लालगंज एसडीएम वाचस्पति सिंह की आठ वर्षीय बेटी को एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन लगाए जाने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामला सामने आने के कुछ ही घंटों के भीतर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो फार्मासिस्टों को निलंबित कर दिया। वहीं, सीएमओ के निर्देश पर शनिवार सुबह अस्पताल के दवा स्टोर में रखी एक्सपायरी दवाओं को सील कर दिया गया। स्टोर में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं मिलने के बाद सरकारी अस्पतालों में दवाओं के रखरखाव और स्टॉक की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ये था मामला -
जानकारी के अनुसार, लालगंज एसडीएम वाचस्पति सिंह की आठ वर्षीय बेटी श्रेयसी सिंह को शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे तेज बुखार होने पर लालगंज ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया था। वहां फार्मासिस्ट ने ग्लूकोज में पैरासिटामोल इंजेक्शन मिलाकर बच्ची को लगा दिया। इसी दौरान एसडीएम के कर्मचारी की नजर इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट पर पड़ गई। उसने तत्काल इसकी जानकारी एसडीएम को दी।
एसडीएम ने आरोप लगाया कि स्टोर प्रभारी फार्मासिस्ट अरविंद कुमार शुक्ला ने स्टोर से एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन निकालकर फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे को दिया था। आरोप है कि देव कुमार दुबे ने भी इंजेक्शन लगाने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट की जांच नहीं की और बच्ची को इंजेक्शन लगा दिया। वहीं मामला सामने आने के बाद एसडीएम ने अस्पताल के चिकित्सक समेत संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई और पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ0 ए0एन0 प्रसाद ने शुक्रवार को सीएचसी लालगंज और ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं के स्टॉक, उनके रखरखाव और उपलब्ध दवाओं की स्थिति की गहनता से जांच की गई।
बड़ी मात्रा में मिलीं एक्सपायरी दवाएं -
निरीक्षण के अगले दिन शनिवार सुबह अस्पताल के दवा स्टोर में कार्रवाई की गई। स्टोर में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं मिलने के बाद उन्हें सील कर दिया गया। एक्सपायरी दवाओं का इतना बड़ा स्टॉक सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। सवाल यह भी है कि आखिर ये दवाएं लंबे समय तक स्टोर में कैसे पड़ी रहीं और नियमित स्टॉक जांच के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ी।
दो फार्मासिस्ट निलंबित, जांच कमेटी गठित -
सीएमओ डॉ0 ए0एन0 प्रसाद ने बताया कि "बच्ची को एक्सपायरी दवा लगाए जाने के मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर फार्मासिस्ट अरविंद कुमार शुक्ला और देव कुमार दुबे को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों फार्मासिस्ट उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतापगढ़ के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे।"




