UP News : जौहर यूनिवर्सिटी मामले में कमिश्नर कोर्ट में तीखी बहस, फैसला सुरक्षित
रामपुर की चर्चित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में कमिश्नर कोर्ट में गुरुवार को राज्य पक्ष और जौहर पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई।

moradabad
5:33 PM, August 13, 2026
मुरादाबाद। रामपुर की चर्चित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले में कमिश्नर कोर्ट में गुरुवार को राज्य पक्ष और जौहर पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। मामला मुख्य रूप से लेआउट प्लान, भवनों के नक्शे और मौके की पैमाइश रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल किए जाने को लेकर रहा।
राज्य पक्ष की ओर से DGC अधिवक्ता दिनेश चौहान ने कहा कि कोर्ट ने जौहर पक्ष को भवनों के नक्शे प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि जौहर पक्ष ने स्वयं दस्तावेज दाखिल करने के बजाय श्रम विभाग से रिकॉर्ड तलब किए जाने को लेकर तीन अर्जियां दाखिल कर दीं। राज्य पक्ष ने इन अर्जियों का विरोध किया।
वहीं, तहसील स्तर से गाटा संख्या, शत्रु संपत्ति और नदी की जमीन पर निर्माण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भी पूरी नहीं होने के कारण कोर्ट में दाखिल नहीं हो सकी। राज्य पक्ष ने यूनिवर्सिटी की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
दूसरी ओर, जौहर पक्ष के अधिवक्ता जुनैद अयाज ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वर्ष 2008 तक निर्मित 14 इमारतों और 13 ब्लॉक से संबंधित रिकॉर्ड PWD रामपुर के पास उपलब्ध है। इसी रिकॉर्ड को तलब किए जाने की मांग की गई है। जौहर पक्ष ने मामले में की जा रही कार्रवाई के कानूनी आधार पर भी सवाल उठाए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कमिश्नर कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। फिलहाल अगले आदेश तक मामले में यथास्थिति और स्टे बरकरार रहेगा।
अब सभी की निगाहें कोर्ट के आगामी आदेश पर टिकी हैं, जिससे जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े इस विवाद में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
आपको बता दें कि बुधवार को सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव रामपुर पहुंचे थे । वे पहले जेल में आजम खान से मुलाकात की, उसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी पर बोलते हुए कहा कि इसे बचना है । उन्होंने Gen-Z और अन्य सभी छात्रों को साथ लेकर उसे बचाने की अपील की थी।




