UP News : स्लीपर बस में आग लगने की घटना को HC ने स्वतः लिया सज्ञान, मुख्य सचिव और डीजीपी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया तलब
हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रदेश में एसी स्लीपर बसें बिना उचित जांच और सुरक्षा उपायों के चलाई जा रही हैं। चालकों और परिचालकों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उचित प्रशिक्षण भी नहीं दिया जाता है।

prayagraj
7:12 AM, September 26, 2026
प्रयागराज । इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को मुख्य सचिव और डीजीपी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से तलब किया। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने जनहित याचिका दर्ज कर राज्य सरकार को कई निर्देश भी दिए। हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रदेश में एसी स्लीपर बसें बिना उचित जांच और सुरक्षा उपायों के चलाई जा रही हैं। चालकों और परिचालकों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उचित प्रशिक्षण भी नहीं दिया जाता है। कोर्ट ने 25 सितंबर 2026 को प्रकाशित समाचारों का हवाला देते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हुई इस घटना में नौ यात्रियों की जलकर मौत हो गई।कोर्ट ने पूर्व में हुई ऐसी अन्य दुर्घटनाओं का उल्लेख किया, जिनमें जुलाई 2023 में रायबरेली-प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर तीन, नवंबर 2024 में कन्नौज-लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर चार और दिसंबर 2025 में यमुना एक्सप्रेसवे पर 13 मौतें शामिल हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री द्वारा राज्यसभा में साझा आंकड़ों का भी उल्लेख किया, जिसमें बताया गया है कि जनवरी 2023 से 10 दिसंबर 2025 तक देशभर में परिवहन वाहनों में लगभग 45 अग्निकांड हुए, जिनमें 64 यात्रियों की मौत हुई और 145 घायल हुए।कोर्ट ने कहा, यदि दुर्घटनाग्रस्त बस ने इन मानकों का पालन नहीं किया तो चालक-परिचालक के साथ ही लाइसेंसधारी के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। मुख्य सचिव ने रात में विशेष जांच अभियान चलाने का आश्वासन दिया। कोर्ट ने राज्य सरकार को ऐसा हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में जारी परमिट, जांच प्रक्रिया, सीमा जांच चौकियों, यात्री सुरक्षा जांच और आपराधिक कार्रवाई का विवरण हो। याचिका की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।




