UP News : ब्राह्मण समाज को PDA से जोड़ने की कवायद, अखिलेश बोले- ‘P’ में पंडित भी शामिल
समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया।

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4:21 PM, August 5, 2026
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से ब्राह्मण समाज और प्रबुद्ध वर्ग के प्रतिनिधि शामिल हुए। मंच से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सामाजिक भागीदारी, सम्मान और प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी की रणनीति सामने रखी।
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने समाजवादी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने जनेश्वर मिश्र की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में जनेश्वर मिश्र के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। मंच पर ब्राह्मण समाज के कई प्रमुख नेताओं की मौजूदगी रही और अखिलेश यादव का सम्मान भी किया गया।
‘PDA में पंडित भी शामिल हैं’
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का PDA केवल कुछ वर्गों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि PDA में ‘P’ का मतलब पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ पंडित भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष PDA की बढ़ती स्वीकार्यता से परेशान है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय के साथ सभी वर्गों को सम्मान और भागीदारी देने के पक्ष में है। उन्होंने संकेत दिया कि 2027 के चुनाव में पार्टी अपने सामाजिक आधार को और व्यापक बनाने की दिशा में काम करेगी।
ब्राह्मण समाज को लेकर सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने सरकार पर ब्राह्मण समाज को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि PDA के ‘P’ पर लगातार हमला हो रहा है। उन्होंने सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो ब्राह्मण समाज को उसका पूरा सम्मान और अधिकार दिया जाएगा। ट्रस्टों सहित विभिन्न संस्थाओं में भी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात उन्होंने कही।
बस्ती-संतकबीरनगर मामले पर सरकार को घेरा
अखिलेश यादव ने बस्ती और संतकबीरनगर से जुड़े एक मामले का जिक्र करते हुए सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और कहा कि घटनाओं की सच्चाई सामने लाने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने ‘गाड़ी पलटाने’ के मुद्दे पर भी सरकार पर तंज कसा और कहा कि सैटेलाइट इमेज के जरिए घटनाओं की वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सकती है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी हमला
सपा अध्यक्ष ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने डिप्टी सीएम पर तंज कसते हुए कहा कि बिना बरसात के भी छाता लगाने की स्थिति दिखाई देती है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग खुद इलाज का मोहताज नजर आ रहा है।
उन्होंने धार्मिक मुद्दों का जिक्र करते हुए दावा किया कि शंकराचार्य का अपमान हुआ और उन्हें त्रिवेणी स्नान से रोका गया। अखिलेश ने कहा कि शंकराचार्य को धरने पर बैठना पड़ा और बटुकों के साथ भी कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार हुआ। उन्होंने POCSO कानून के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार पर डराने का आरोप लगाया।
‘Gen-Z ने सरकार के होश उड़ा दिए’
अखिलेश यादव ने युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि Gen-Z ने सरकार के होश उड़ा दिए हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के मीम्स के जरिए भी सरकार को घेरा गया। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि युवा आने वाले चुनाव में अपने वोट के जरिए सरकार को जवाब देंगे।
उन्होंने खाने-पीने से जुड़े मामलों में नोटिस दिए जाने का जिक्र करते हुए बाटी-चोखा और अन्य मुद्दों पर भी सरकार पर तंज कसा। विधायकों के कथित अपमान और अंग्रेजी प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल भी उन्होंने उठाए।
‘सरकार बनी तो जांच होगी’
अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार के कामकाज और विभिन्न परियोजनाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने धुरंधर फिल्म का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर कई मामलों की जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कृष्ण-सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा ने हमेशा सम्मान और रिश्तों को महत्व दिया है। जनेश्वर मिश्र पार्क का उल्लेख करते हुए उन्होंने बीजेपी सरकार के पार्कों और विकास कार्यों पर भी सवाल उठाए।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि कई जगह पेड़ों के बजाय झाड़ियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किए गए कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए और लोक भवन का जिक्र किया।
सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल
सपा अध्यक्ष ने बटेश्वर क्षेत्र में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में सीमेंट की तुलना में बालू अधिक इस्तेमाल की जा रही है। मुंबई को जोड़ने वाली सड़क से जुड़े मुद्दे का भी उन्होंने उल्लेख किया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सपा नेता माता प्रसाद पांडेय का सम्मान किया गया। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार Gen-Z की सोच को समझ नहीं पा रही है। उन्होंने Gen-Alpha का भी जिक्र किया।
‘इस बार गलती नहीं होगी’
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक भागीदारी को लेकर इस बार कोई गलती नहीं करेगी। उन्होंने ब्राह्मण समाज समेत सभी वर्गों को सम्मान, अधिकार और उचित प्रतिनिधित्व देने का भरोसा दिलाया।
उन्होंने सनातन धर्म को लेकर समाजवादी विचारधारा का पक्ष रखते हुए कहा कि समाज में भाईचारा और समानता जरूरी है। उन्होंने भारत को मजबूत बनाने के लिए पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों की भी बात कही।
अखिलेश यादव ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को लेकर भी बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि नारे और वास्तविकता में अंतर है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन के जरिए समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने सामाजिक समीकरण को विस्तार देने का स्पष्ट संकेत दिया। PDA के साथ ब्राह्मण समाज को जोड़ने की कोशिश को सपा की आगामी चुनावी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।




