UP News : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, इन तीन ट्रस्ट पदाधिकारियों को क्लीन चिट
पुलिस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, आरोपियों से बरामद नकदी, बैंक खातों के लेनदेन से संबंधित दस्तावेज और 133 गवाहों के बयानों को जांच का आधार बनाया है।

lucknow
4:12 PM, September 26, 2026
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में चढ़ावे की रकम चोरी किए जाने के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, बरामद नकदी, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और गवाहों के बयान को अहम साक्ष्य बनाया है।
पुलिस की जांच में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं पाया गया है। इन तीनों को जांच के बाद क्लीन चिट दी गई है। हालांकि, पुलिस ने इन्हें मामले में गवाह बनाया है।
133 लोगों को बनाया गया गवाह
मामले में पुलिस ने कुल 133 लोगों को गवाह बनाया है। चढ़ावा चोरी की एफआईआर दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को पुलिस ने पहला गवाह बनाया है। चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के अलावा कोतवाली इंस्पेक्टर, राम जन्मभूमि थाना प्रभारी और सीओ अयोध्या सहित 27 पुलिसकर्मियों के बयान भी केस में शामिल किए गए हैं।
CCTV फुटेज से सामने आई चोरी की तस्वीर
पुलिस के मुताबिक, जांच में सीसीटीवी फुटेज सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों में से एक रहा। फुटेज के आधार पर आरोपी अविनाश शुक्ला पर सबसे अधिक बार चढ़ावा चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, वह 85 बार कथित तौर पर खुद चोरी करते और चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते कैमरे में दिखाई दिया।
वहीं करुणेश पांडे पर दो बार खुद चोरी करने और 68 बार चोरी में सहयोग करने का आरोप है। लव कुश मिश्रा एक बार चोरी करने और 52 बार अन्य आरोपियों की मदद करने के मामले में सामने आया है। पुलिस के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा 56 बार चोरी में मदद करता दिखाई दिया, जबकि रमाशंकर मिश्रा पर एक बार चोरी करने का आरोप है।
करीब 50 दिन की नौकरी में 35 बार चोरी में शामिल होने का आरोप
जांच में मनीष यादव की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के भतीजे मनीष को अप्रैल 2026 में नौकरी मिली थी।
जांच के अनुसार, 15 अप्रैल से 3 जून के बीच मनीष ने कथित तौर पर 16 बार खुद चढ़ावा चोरी किया और 19 बार दूसरे आरोपियों की मदद की। यानी करीब 50 दिनों की नौकरी के दौरान वह कुल 35 बार चोरी करने या चोरी में सहयोग करने की गतिविधि में शामिल पाया गया।
सात आरोपियों से करीब 80 लाख रुपये बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सात आरोपियों के कब्जे से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये बरामद किए गए हैं। इसके अलावा सभी आठ आरोपियों के बैंक खातों की जांच में कुल 98 लाख 30 हजार रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है।
रिटायर्ड बैंककर्मी पर भी चोरी में मदद का आरोप
जांच के दौरान सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका भी पुलिस के सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि उसने 25 और 30 मई को अविनाश शुक्ला को चढ़ावा चोरी करने में सहयोग किया था।
पुलिस के मुताबिक, सुभाष को 7 जनवरी 2022 से दानपात्र में जमा होने वाली चढ़ावे की रकम बैंक तक पहुंचाकर जमा कराने की जिम्मेदारी मिली थी। आरोप है कि उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अधिक रकम चोरी करने में मदद की।
जांच एजेंसी के अनुसार, सुभाष के कहने पर सुरक्षा गार्ड कथित तौर पर चढ़ावा चोरी करने वाले आरोपियों की आवाजाही के दौरान पर्याप्त चेकिंग नहीं करते थे। पुलिस का दावा है कि अप्रैल 2026 में मनीष यादव की नियुक्ति के बाद चोरी की रकम बढ़ने लगी और आरोपी कथित तौर पर मिलकर बड़ी रकम पर हाथ साफ करने लगे।
इन साक्ष्यों के आधार पर दाखिल हुई चार्जशीट
पुलिस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, आरोपियों से बरामद नकदी, बैंक खातों के लेनदेन से संबंधित दस्तावेज और 133 गवाहों के बयानों को जांच का आधार बनाया है। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर मामले की विवेचना पूरी होने की जानकारी दी है।




