UP News : यूपी के शिक्षकों को बड़ी राहत, अब बिना न्यूनतम सेवा अवधि के होगा अंतरजनपदीय तबादला
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। बेसिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार...

File Foto....
lucknow
7:41 AM, June 6, 2026
जनपद न्यूज ब्यूरो
• 20 जून तक होंगे आवेदन, दिव्यांग, गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों और दंपति शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। बेसिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार स्थानांतरण नीति में बड़ा बदलाव करते हुए न्यूनतम सेवा अवधि की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त कर दी गई है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक अपने गृह जनपद या इच्छित जिले में तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे।
20 जून तक कर सकेंगे आवेदन -
परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार अब जिले में कार्यरत सभी नियमित शिक्षक और शिक्षिकाएं अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए पात्र होंगे। हालांकि ग्रामीण सेवा संवर्ग के शिक्षकों का स्थानांतरण ग्रामीण संवर्ग में तथा नगर सेवा संवर्ग के शिक्षकों का स्थानांतरण नगर संवर्ग में ही किया जाएगा। स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षक-शिक्षिकाओं को निर्धारित प्रारूप में आवेदन अपने संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यम से जमा करना होगा। सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्राप्त आवेदनों को आवश्यक अभिलेखों सहित एकीकृत ज़िप फाइल बनाकर परिषद की ई-मेल आईडी पर 20 जून 2026 तक भेजना सुनिश्चित करें। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
दिव्यांग और गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को प्राथमिकता -
नई स्थानांतरण नीति में दिव्यांग शिक्षकों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा दिव्यांग शिक्षक के जीवनसाथी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्री, कैंसर या डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक तथा उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री भी स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत हैं तो निर्धारित नियमों के तहत उनमें से एक को स्थानांतरण का लाभ दिया जा सकेगा।
फर्जी दस्तावेज देने वालों पर होगी कार्रवाई -
परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक स्थानांतरण के लिए फर्जी अथवा कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत करता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्थानांतरण के बाद वरिष्ठता संबंधी नियमों को स्वीकार करते हुए शपथपत्र देना भी अनिवार्य होगा।
शिक्षक संगठनों ने जताया आभार -
वहीं शिक्षक संगठनों ने आभार जताते हुए कहा कि न्यूनतम सेवा अवधि की बाध्यता समाप्त होने से वर्षों से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी और पारिवारिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप स्थानांतरण का अवसर प्राप्त होगा।




