UP News : सोनभद्र खनन कार्यों में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, 7 अधिकारियों-कर्मचारियों पर गिरी गाज
खनन कार्यों में लापरवाही एवं शासकीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए 4 ज्येष्ठ खान अधिकारियों सहित कुल 7 अधिकारियों-कर्मचारियों पर गाज गिरी है।

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9:29 PM, April 16, 2026
० राजस्व हित व पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं- माला श्रीवास्तव
० समयबद्ध खदान संचालन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश
लखनऊ । खनन कार्यों में लापरवाही एवं शासकीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए 04 ज्येष्ठ खान अधिकारियों सहित कुल 07 अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही के आदेश जारी किए हैं।
इस संबंध में सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, माला श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है, उनमें महबूब (तत्कालीन खान अधिकारी, सोनभद्र, वर्तमान में ज्येष्ठ खान अधिकारी), जे.पी. द्विवेदी (तत्कालीन ज्येष्ठ खान अधिकारी, सोनभद्र, वर्तमान में सेवानिवृत्त), कमलेश कुमार राय (तत्कालीन खान अधिकारी, सोनभद्र, वर्तमान में ज्येष्ठ खान अधिकारी), आशीष कुमार (तत्कालीन ज्येष्ठ खान अधिकारी, सोनभद्र), चन्द्र प्रकाश तिवारी (तत्कालीन खनिज मोहर्रिर, सोनभद्र), कमला शंकर उपाध्याय (तत्कालीन खनिज मोहर्रिर, सोनभद्र) एवं सुनील कुमार (तत्कालीन खनिज मोहर्रिर/लिपिक, सोनभद्र) शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि यह कार्यवाही वर्ष 2017 में आवंटित चूना पत्थर की खदान के संचालन में गंभीर लापरवाही के प्रकरण में की गई है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उक्त खदान का संचालन वर्ष 2019 तक सुनिश्चित किया जाना था, किन्तु संबंधित अधिकारियों द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान समयबद्ध रूप से खदान संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया। साथ ही, समयसीमा विस्तार हेतु आवश्यक प्रस्ताव भी समय से शासन को प्रेषित नहीं किए गए, जिसके परिणामस्वरूप खदान का संचालन बाधित रहा और राजस्व की संभावित हानि हुई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट रूप से कहा कि खनन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा उदासीनता को किसी भी स्तर पर स्वीकार नही किया जायेगा । उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि खदानों का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, नियमानुसार एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए, जिससे राजस्व में वृद्धि हो तथा संसाधनों का समुचित उपयोग हो सके।
इस प्रकरण में मण्डलायुक्त, मिर्जापुर द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं संस्तुति के आधार पर कार्यवाही की गई है। माला श्रीवास्तव ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, जवाबदेही एवं पारदर्शिता के साथ करें, अन्यथा कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने ने यह भी दोहराया है कि शासकीय राजस्व के हितों की रक्षा सर्वोपरि है तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सुशासन को और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।



