UP News : मानसून सत्र के उपरांत अक्टूबर से नियमानुसार खनन पट्टों का संचालन सुनिश्चित करें- माला श्रीवास्तव
मानसून सत्र के उपरांत खनन गतिविधियों के सुचारु एवं नियमानुसार संचालन तथा विभागीय कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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8:34 PM, September 16, 2026
- पट्टा विलेख एवं नए क्षेत्रों की विज्ञप्ति सहित सभी कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कराने के निर्देश
- VTS प्रणाली के अनुसार जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्र से ही उपखनिजों की लोडिंग सुनिश्चित हो
लखनऊ । सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म, उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव ने बुधवार को विभाग के जनपदीय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने मानसून सत्र के उपरांत खनन गतिविधियों के सुचारु एवं नियमानुसार संचालन तथा विभागीय कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
माला श्रीवास्तव ने निर्देशित किया कि मानसून सत्र की समाप्ति के उपरांत माह अक्टूबर से नियमानुसार खनन पट्टों का संचालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि पट्टा विलेख, नए क्षेत्रों की विज्ञप्ति तथा खनन पट्टों के संचालन से संबंधित अन्य सभी आवश्यक कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाए, जिससे खनन कार्यों के संचालन में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने बालू, मोरम आदि उपखनिजों के पट्टों की किश्त जमा किए जाने की निर्धारित तिथि का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि संबंधित पट्टों की किश्त प्रत्येक माह की 21 तारीख तक जमा किया जाना निर्धारित है। निर्धारित तिथि के उपरांत किश्त जमा किए जाने पर नियमानुसार ब्याज देय होगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पट्टाधारकों को निर्धारित समय-सीमा एवं नियमों के संबंध में स्पष्ट रूप से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सचिव एवं निदेशक ने VTS (व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम) प्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने जनपदीय एवं क्षेत्रीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि VTS प्रणाली के अनुसार उपखनिजों की लोडिंग केवल जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्र से ही सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि खनन एवं परिवहन संबंधी गतिविधियों में निर्धारित नियमों एवं तकनीकी व्यवस्था का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
उन्होंने अधिकारियों को विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए शासन एवं विभागीय निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।




