UP News : महाकुम्भ में देवलोक की अनुभूति कराएंगे 30 पौराणिक तोरण द्वार
पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तीर्थों के राजा तीर्थराज प्रयागराज तैयार हैं। महाकुम्भनगर में प्रवेश करते ही समुद्र मंथन के 14 रत्न सभी श्रद्धालुओं का वंदन करेंगे।

prayag raj
6:17 PM, January 7, 2025
◆ 14 रत्न, नंदी, डमरू, समुद्र मंथन और कच्छप द्वार को दिया जा रहा आकार
◆ महाकुम्भ में श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए बन रहे विशेष प्रकार स्वागत द्वार
◆ तैयारियों को अंतिम रूप देने दिनरात काम में जुटे हैं प्रदेश भर से आए कारीगर
◆ महाकुम्भ की शोभा को चार चंद लगा रहे ये द्वार, श्रद्धालुओं को कर रहे आकर्षित
महाकुम्भनगर । पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तीर्थों के राजा तीर्थराज प्रयागराज तैयार हैं। महाकुम्भनगर में प्रवेश करते ही समुद्र मंथन के 14 रत्न सभी श्रद्धालुओं का वंदन करेंगे। जैसे ही आगे बढ़ेंगे शिव शम्भु का विशाल डमरू दिखेगा। इसके साथ ही कच्छप, समुद्र मंथन और नंदी द्वार भी श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। महाकुम्भनगर में 30 पौराणिक तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं को देवलोक की अनुभूति कराएंगे।
प्रदेश के कई हिस्सों से आए कारीगरों ने निभाई भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार के महाकुम्भ को पहले के सभी कुम्भों से अधिक दिव्य और भव्य बनाना चाहते हैं। इसी के तहत देश दुनिया से यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सबसे खास बात ये है कि यहां की तैयारियां कुछ इस तरह की गई हैं कि महाकुम्भ की आभा देख लोगों को एक अलग तरह की दुनिया का एहसास होगा। महाकुम्भ में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को देवलोक की दिव्य अनुभूति होगी। यहां 30 अलग अलग पौराणिक महत्व के तोरण द्वार बनाए गए हैं। प्रदेशभर से आए कारीगरों ने पूरे उत्साह से इसे अंजाम दिया है।
श्रद्धालुओं को दिव्य महाकुम्भ का होगा अहसास




