UP News : विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने और लंबे समय से ड्यूटी से नदारद 26 डॉक्टर बर्खास्त, 9 के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही का निर्देश
सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते रहे, लेकिन जिन डॉक्टरों के कंधों पर उनकी जिंदगी और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी थी, उनमें कई अपनी ड्यूटी से ही नदारद मिले। कहीं लंबे समय तक गैरहाजिरी..

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sonbhadra
11:38 AM, September 4, 2026
जनपद न्यूज ब्यूरो
लखनऊ । सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते रहे, लेकिन जिन डॉक्टरों के कंधों पर उनकी जिंदगी और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी थी, उनमें कई अपनी ड्यूटी से ही नदारद मिले। कहीं लंबे समय तक गैरहाजिरी, तो कहीं चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना। वहीं स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही की तस्वीर सामने आने के बाद अब कार्यवाही का डंडा चल गया है। ड्यूटी के प्रति बेपरवाही करने वाले प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी नौकरी, लेकिन ड्यूटी से दूरी -
सरकारी अस्पताल गरीब और आम मरीजों के लिए इलाज की सबसे बड़ी उम्मीद होती हैं। ऐसे में यदि डॉक्टर ही ड्यूटी से गायब रहें तो अस्पताल की दुर्व्यवस्था का खामियाजा सीधे मरीजों को भुगतना पड़ता है। ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करते मरीज, इलाज के लिए भटकते तीमारदार का फायदा दलाल उठाते हैं और उन्हें मरीज माफियाओं के चंगुल में। फँसकर आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ता है। ऐसे में सरकारी नौकरी केवल पद और वेतन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि मरीजों के प्रति जवाबदेही भी उतनी ही जरूरी है। ड्यूटी से गायब रहने अथवा चिकित्सीय जिम्मेदारियों की अनदेखी करने वालों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि "सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। ड्यूटी से नदारद रहने अथवा चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही जारी रहेगी।"
बढ़ेगी ओपीडी-आईपीडी की निगरानी -
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अधिकारियों को अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करने के साथ ही ओपीडी और आईपीडी सेवाओं की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है या नहीं, इसकी भी निगरानी की जाएगी। डिप्टी सीएम ने साफ तौर पर संदेश दिया है कि अस्पताल में कुर्सी खाली छोड़कर सरकारी जिम्मेदारी नहीं निभाई जा सकती। डॉक्टरों की अनुपस्थिति का सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ता है और ऐसी लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कड़ी से कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
ये डॉक्टर किए गए बर्खास्त -
बर्खास्त किए गए 26 डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात थे। इनमें फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मीरजापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिले शामिल हैं। इनमें फिरोजाबाद के कायमगंज सीएचसी के डॉ0 स्वदेश कुमार, अलीगढ़ के डॉ0 वीरेंद्र सिंह, गाजीपुर की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ0 स्वाती विश्वकर्मा, हरदोई के रेडियोलॉजिस्ट डॉ0 बृजेश यादव, महोबा के ईएनटी सर्जन डॉ0 ईशान दीक्षित, बुलंदशहर की डॉ0 स्वाती आनंद, लखनऊ सिविल हॉस्पिटल के डॉ0 मनोज कुमार चौरसिया, हरदोई बावन पीएचसी के डॉ0 मो0 उताउर रहमान, भटपुर पीएचसी के डॉ0 मनीष खन्ना, बलरामपुर के डॉ0 अक्षय लेले, मथुरा गोवर्धन सीएचसी के जनरल सर्जन डॉ0 राकेश फौजदार, मीरजापुर के जनरल सर्जन डॉ0 नरेंद्र कुमार जायसवाल और झांसी बबीना सीएचसी की डॉ0 निशा बुंदेला शामिल हैं।
इसके अलावा गाजीपुर के डॉ0 अचल सिंह, बरेली के डॉ0 शशांक वर्मा, गोरखपुर ब्रह्मपुर पीएचसी के डॉ0 विशाल कुमार सिंह, सहारनपुर गंगोह सीएचसी के डॉ0 इन्द्रजीत सिंह, मुरादाबाद के डॉ0 मोहम्मद शबाब खान, चंदौली के डॉ0 राजेश कुमार सिंह, मुरादाबाद के डॉ0 मुजफर अली एवं डॉ0 फरयाद हुसैन, मैनपुरी के डॉ0 कृष्ण मुरारी द्विवेदी, मऊ के डॉ0 तनवीर फरीदी, सुलतानपुर लोकनाथपुर पीएचसी के डॉ0 आशुतोष शुक्ला, अमनाईकपुर पीएचसी के डॉ0 सुशील कुमार खरवार और मुजफ्फरनगर के डॉ0 कुंवर विक्रांत की सेवाएं समाप्त की गई हैं।
नौ डॉक्टरों पर विभागीय कार्यवाही का निर्देश -
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामलों में नौ डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। इनमें इटावा के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 श्रीनिवास यादव, रामपुर के डॉ0 केक चहल, मेरठ की डॉ0 संगीता चोपड़ा, बदायूं कादरचौक सीएचसी के डॉ0 अवधेश राठौर, भदोही के डॉ0 संतोष चक, बलरामपुर के डॉ0 सुमित कुमार, भदोही के डॉ0 धीरज प्रकाश, गौतमबुद्ध नगर के अरविन्द मलिक और डॉ0 असद शामिल हैं।




