राष्ट्र की धरोहर हैं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व उनका परिवार- आशु
अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के दो परिवारों को कांग्रेस का पट्टा पहनाकर उनको सम्मानित किया गया ।

sonbhadra
7:23 PM, August 8, 2024
आनंद चौबे (संवाददाता)
■ अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के दो परिवारों को किया गया सम्मानित
सोनभद्र । गुरुवार को घोरावल विधानसभा के परासी में स्थित शहिद उद्यान में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु) ने अगस्त क्रांति की पूर्व संध्या पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के दो परिवारों को कांग्रेस का पट्टा पहनाकर उनको सम्मानित किया एवं उनका आशीर्वाद लिया ।
आशु दुबे ने कहा कि यह लोग हमारे जनपद ही नहीं हमारे देश के धरोहर हैं । उनके परिवार के लोगों ने जिस तरीके से नमक आंदोलन से लेकर अंग्रेजों 'भारत छोड़ो आंदोलन' के साथ देश की आजादी में अपने घर/परिवार की चिंता किए बिना महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, सरदार वल्लभभाई पटेल के साथ कदम से कदम मिलाकर लड़ाई लड़ने का काम किया और देश को आजादी भी दिलवाई । उन्होंने कहा कि हमें सीख लेनी चाहिए कि आज हम जिस तरीके से स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र में रह रहे हैं इसकी देन हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ही हैं।
श्री दुबे ने कहा कि कल 9 अगस्त है और 9 अगस्त क्रांति दिवस के नाम से भी जाना जाता है । उसकी पूर्व संध्या पर शहीद स्थल पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन व श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के चंद्रकांत शर्मा व ज्ञानचंद द्विवेदी को सम्मानित किया गया ।
इस अवसर पर चंद्रकांत शर्मा ने कहा कि 8 अगस्त 1942 को जब 'भारत छोड़ो आंदोलन ' की शुरुआत हुई समूचे भारत में नौजवान, किसान, व्यापारी, आम जनमानस सब एक साथ मिलकर इस लड़ाई में कांग्रेस व महात्मा गांधी का साथ दिया और इस देश को आजादी दिलाने में अपना योगदान दिया । वहीं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के ज्ञानचंद द्विवेदी ने कहा कि इस आंदोलन ने देश को आजादी दिलाई और 1947 में हमारा देश आजाद हुआ । हम लोगों को अपने पूर्वजों के किए कार्यों को आत्मसात करना चाहिए और उसे शिक्षा लेनी चाहिए।




