Sonebhadra News : 17 विभाग नहीं खर्च कर सके 7.67 अरब रूपये, अंतिम दिन सरकारी खजाने में किया सरेंडर
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन विभागों में बजट खपाने की होड़ रही। शासन से आवंटित बजट को खर्च करने के लिए खूब माथापच्ची हुई। बावजूद देर शाम तक 17 विभागों को सात अरब 66 करोड़ से अधिक की धनराशि सरेंडर करनी...

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1:04 AM, April 1, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन विभागों में बजट खपाने की होड़ रही। शासन से आवंटित बजट को खर्च करने के लिए खूब माथापच्ची हुई। बावजूद देर शाम तक 17 विभागों को सात अरब 66 करोड़ से अधिक की धनराशि सरेंडर करनी पड़ी।
सबसे ज्यादा 6.46 अरब रुपये डीएम कार्यालय ने लौटाए हैं तो दूसरे नंबर पीडब्ल्यूडी ने 66.98 करोड़ वापस किए हैं। इसके बाद 22.31 करोड़ रुपये पुलिस विभाग के हैं। कारागार प्रशासन अकेला ऐसा विभाग रहा, जिसने शासन से मिली पूरी धनराशि खर्च कर ली है।
विकास, स्वास्थ्य व नागरिक सुविधाएं बेहतर करने के उद्देश्य से शासन हर साल हजारों करोड़ रुपये का बजट अलग-अलग विभागों को भेजता है, ताकि समय-समय पर काम कराए जा सकें। इसके बावजूद 11 माह की जगह वित्तीय वर्ष के आखिरी माह में ही सबसे ज्यादा बजट खपाया जाता है। सोमवार की रात को वित्तीय वर्ष-2024-25 समाप्त हो गया। दिनभर कोषागार में अधिकारी विभिन्न विभागों से आए बिल-बाऊचर को पास करने में व्यस्त रहे, शाम पांच बजे तक ही बिल स्वीकार किए गए। जिसके बाद रात्रि 10 बजे तक बचे हुए बजट का लेखा-जोखा तैयार किया गया। सोनभद्र में विभिन्न सरकारी विभागों के मदों में 24.38 अरब रुपये का बजट आया है। जिसमें से विभिन्न विभागों के द्वारा 16.71 अरब रुपए का बजट खर्च हो पाया है। शेष बचे हुए 7.67 अरब रूपये के बजट को सरकारी खजाने में वापिस कर दिया गया।
किस विभाग ने कितनी राशि का किया सरेंडर -
शासन की ओर से सभी विभागों को उनकी जरूरत के अनुसार विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय कार्यों को संपन्न करने के लिए बजट आवंटित किया गया था लेकिन सत्र के समापन पर जिस विभागों ने बजट नहीं खर्च नहीं कर पाए उन्हें सरकारी खजाने में बजट वापस भेजना पड़ा। जिसमें डीएम कार्यालय ने ₹6. 47 अरब, पीडब्ल्यूडी ने ₹66.98 करोड़, पुलिस विभाग ने ₹22. 32 करोड़, स्वास्थ्य विभाग ने 11. 93 करोड़, होम्योपैथिक विभाग ने 11. 13 करोड़, वन विभाग विभाग ने ₹1. 19 करोड़, बेसिक शिक्षा विभाग ने ₹2.70 करोड़, उच्च शिक्षा ने ₹41. 59 लाख, होमगार्ड विभाग ने ₹7. 71 लाख, सिंचाई विभाग ने ₹2. 77 करोड़, आयुर्वेद विभाग ने ₹39 लाख, पंचायती राज विभाग ने ₹21. 11 लाख, विकास भवन ने ₹10 लाख, उद्यान विभाग ने ₹1.38 लाख, पशुपालन विभाग ने ₹1.27 लाख, आबकारी विभाग ने ₹73 हजार सरेंडर किया।
वरिष्ठ कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह ने बताया कि "वित्तीय सत्र में विभागों को जो भी बजट आवंटित हुआ था, उसमें से खर्च के बाद जो भी राशि अवशेष है उसे सरेंडर करना होता है। देर शाम तक 17 विभागों ने धनराशि सरेंडर की है। इसका विवरण शासन को प्रेषित किया गया है।"



