Sonbhadra Newsb: गोंडवाना गणतंत्र पार्टी महिला मोर्चा का धरना, आदिवासी अधिकारों समेत 20 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी महिला मोर्चा शाखा उत्तर प्रदेश, जिला इकाई सोनभद्र के तत्वावधान में शनिवार को ओबरा तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

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6:19 PM, June 6, 2026
घनश्याम पांडे (संवाददाता)
ओबरा (सोनभद्र)। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी महिला मोर्चा शाखा उत्तर प्रदेश, जिला इकाई सोनभद्र के तत्वावधान में शनिवार को ओबरा तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने आदिवासी समाज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर आवाज बुलंद की तथा महामहिम राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 20 सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी ओबरा को सौंपा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने जनगणना में गोंडी धर्म कोड को मान्यता देने, आदिवासियों के लिए संविधान में वर्णित पांचवीं और छठी अनुसूची लागू करने तथा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पेसा एक्ट लागू किए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आदिवासियों की भूमि पर अवैध कब्जे और गैर-आदिवासियों द्वारा अधिग्रहण के मामलों की जांच कर भूमि वापस दिलाई जाए। साथ ही आदिवासी समाज के साथ होने वाले शोषण, अत्याचार, दुष्कर्म और हत्या जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में जनजातीय आवासीय विद्यालय स्थापित करने, जनजातीय सुरक्षित सीटें घोषित करने तथा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए जनजातीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा बांध, कल-कारखानों और खदानों से विस्थापित परिवारों को बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। धरना दे रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के कारण आदिवासी क्षेत्रों में प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे लोग दमा, टीबी और श्वास संबंधी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में सरकार प्रभावी कदम उठाए या प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर कार्रवाई करे। उन्होंने बिना ग्राम सभा की अनुमति के किसी भी प्रकार के विस्थापन पर रोक लगाने की भी मांग की। ज्ञापन में वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत भरे गए दावों का शीघ्र निस्तारण करने, पात्र दावेदारों को अधिभोग प्रमाण पत्र देने, निरस्त दावों की पुनः सुनवाई कराने तथा लंबित अपीलों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की गई। इसके अलावा ग्राम पंचायत पनारी के कई टोले और गांवों में विद्युतीकरण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग भी उठाई गई। धरना-प्रदर्शन के अंत में पार्टी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संगठन भविष्य में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इसके बाद मांग पत्र उपजिलाधिकारी ओबरा को सौंपा गया। इस दौरान पार्टी की महिला मौर्चा की जिलाउपाध्यक्ष प्रमिला देवी ने कहा
आदिवासियों का जल, जंगल और जमीन लगातार छीना जा रहा है। इन्हीं अधिकारों की रक्षा और अपनी मांगों को लेकर हम ओबरा तहसील पहुंचे हैं। प्रशासन ने हमारी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है। यदि हमारी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो संगठन आगे बड़ा आंदोलन करेगा। वही पार्टी के जिलाध्यक्ष राम नरेश ने कहा वनाधिकार अधिनियम के तहत भरे गए हजारों दावे आज भी लंबित पड़े हैं। हम चाहते हैं कि इन दावों की सुनवाई कर पात्र लोगों को पट्टा और अधिकार पत्र दिया जाए। तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया जिसके बाद कार्रवाई का आश्वासन मिला है। यदि आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी जारी रही तो संगठन व्यापक आंदोलन और जनक्रांति अभियान शुरू करेगा।




