Sonbhadra News : जंगली जानवर के हमले से युवक घायल, तेंदुए की आशंका से गांव में दहशत
रायपुर थाना क्षेत्र के साड़सोत गांव के समीप रविवार की शाम एक जंगली जानवर के हमले में 18 वर्षीय युवक घायल हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि हमला करने.......

जंगली जानवर के हमले का शिकार युवक....
sonbhadra
12:41 PM, June 29, 2026
अवधेश पटेल (संवाददाता)
वैनी । रायपुर थाना क्षेत्र के साड़सोत गांव के समीप रविवार की शाम एक जंगली जानवर के हमले में 18 वर्षीय युवक घायल हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि हमला करने वाला जानवर तेंदुआ था, जबकि चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच में चोट के निशानों को जंगली सियार के हमले जैसा बताया है। फिलहाल वन विभाग को सूचना देकर मामले की जांच कराई जा रही है।
घर लौटते समय हुआ हमला -
जानकारी के अनुसार साड़सोत गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार पुत्र लालबहादुर खरवार (18वर्ष) अपने एक दोस्त के साथ बाइक से पड़ोसी गांव से घर लौट रहा था। जैसे ही दोनों साड़सोत छलका के पास पहुंचे, जो चंदौली के नौगढ़ वन क्षेत्र से सटा इलाका है, तभी झाड़ियों से निकले एक जंगली जानवर ने अचानक धर्मेंद्र पर हमला कर दिया। हमले से युवक सड़क पर गिर पड़ा और चीख-पुकार मच गई।
साथी के शोर मचाने पर भागा जानवर -
घटना के दौरान युवक के साथी ने साहस दिखाते हुए जोर-जोर से शोर मचाया और आसपास के लोगों को आवाज दी। ग्रामीणों के पहुंचने की आहट मिलते ही जंगली जानवर जंगल की ओर भाग निकला। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वैनी पहुंचाया।
युवक बोला, तेंदुए ने किया हमला -
प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बताया कि युवक की हालत खतरे से बाहर है। डॉक्टरों के अनुसार शरीर पर मिले घाव जंगली सियार के हमले जैसे प्रतीत हो रहे हैं। हालांकि घायल धर्मेंद्र का कहना है कि उस पर हमला करने वाला जानवर तेंदुआ था। इसी दावे के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग -
घटना की सूचना नौगढ़ वन रेंज को दे दी गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में तत्काल गश्त बढ़ाने, जंगली जानवर की पहचान कर उसे पकड़ने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
दहशत में ग्रामीण, शाम ढलते ही घरों में कैद लोग-
घटना के बाद साड़सोत और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीण शाम होते ही बच्चों और मवेशियों को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने तथा जंगली जानवर की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है, ताकि किसी अन्य व्यक्ति पर हमला न हो सके।




