Sonbhadra News : महिलाओं की मेहनत अब नहीं होगी बेकार, बाजार से जोड़कर बढ़ाई जाएगी आय - डीएम
जनपद की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के विपणन और बाजार ......

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sonbhadra
6:31 PM, June 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• डीएम ने स्वयं सहायता समूह के महिलाओं की आय बढ़ाने पर दिया जोर
• कार्ययोजना तैयार कर विपणन, ब्रांडिंग और रोजगार विस्तार के दिए निर्देश
सोनभद्र । जनपद की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के विपणन और बाजार विस्तार के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान महिलाओं ने सोया मिल्क, पनीर, बकरी के दूध से निर्मित साबुन सहित अन्य उत्पादों के निर्माण एवं विपणन संबंधी जानकारी साझा की।
संवाद के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने कहा कि समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की बिक्री के लिए प्रभावी विपणन व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, ताकि महिलाओं को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उत्पाद निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता समय से सुनिश्चित की जाए, जिससे उत्पादन कार्य बाधित न हो।
डीएम ने जिला मिशन प्रबंधक एवं डीसी एनआरएलएम को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और बाजार विस्तार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही समूहों को स्थानीय, क्षेत्रीय और ऑनलाइन बाजारों से जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनपद की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। समूह आधारित आजीविका गतिविधियां महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवार की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और स्वयं सहायता समूह इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं। यदि उत्पादों को बेहतर बाजार और पहचान मिले तो ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार लाया जा सकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, डीसी एनआरएलएम सरिता सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




