Sonbhadra News : स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा आयुष्मान का 'कवच', 3.55 लाख महिलाएँ होंगी लाभांवित
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के बाद अब उनके स्वास्थ्य को भी सुरक्षित करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं.....

File Photo....
sonbhadra
6:50 PM, August 31, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• जनपद की 3.55 लाख महिलाओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य
• 1.59 लाख महिलाओं को नए समूहों से जोड़ने की तैयारी
सोनभद्र । ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के बाद अब उनके स्वास्थ्य को भी सुरक्षित करने की दिशा में सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आयुष्मान योजना से जोड़ने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। जनपद में करीब 3 लाख 55 हजार महिलाओं को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मंहगे इलाज से मिलेगी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को राहत -
एनआरएलएम के उपायुक्त रविंद्र वीर सिंह ने बताया कि "स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के लिए समूह स्तर पर पात्र महिलाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। सरकार की मंशा है कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी कोई भी पात्र महिला गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज के खर्च के कारण आर्थिक संकट में न फंसे। आयुष्मान योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। महिलाओं को योजना से जोड़ने के बाद उन्हें महंगे इलाज के खर्च की चिंता से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।"
16,500 समूहों से जुड़ी हैं 1.96 लाख महिलाएं -
उन्होंने बताया कि "जनपद में वर्तमान में करीब 16 हजार 500 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 96 हजार महिलाएं जुड़ी हुई हैं। शासन की ओर से जिले में कुल 3 लाख 55 हजार महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए करीब 1 लाख 59 हजार शेष महिलाओं को नए समूहों का गठन करने के साथ ही विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।"
गांव-गांव तक पहुंचेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ -
एनआरएलएम के उपायुक्त रविंद्र वीर सिंह ने बताया कि "स्वयं सहायता समूहों का ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक नेटवर्क है। ऐसे में समूह से जुड़ी महिलाओं को आयुष्मान योजना से जोड़ने का सीधा लाभ बड़ी संख्या में परिवारों तक पहुंच सकेगा। इसके लिए संबंधित विभागों और स्वयं सहायता समूहों के स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है।"




