Sonbhadra News : स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिली नई उड़ान, विकास प्रदर्शनी में झलकी प्रगति की कहानी
केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को डीपीआरसी परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम विकास, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी का सशक्त मंच बनकर उभरा......

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6:53 PM, June 18, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को योजनाओं की दी जानकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले टैबलेट
• 'अपनी कहानी-अपनी जुबानी' में महिलाओं ने साझा किए सफलता के अनुभव, करमा नृत्य ने बांधा समां
सोनभद्र । केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को डीपीआरसी परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम विकास, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी का सशक्त मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी देने तथा सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीसी मनरेगा रविंद्र वीर ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खंड विकास अधिकारियों ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार के बीते 12 वर्षों के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
महिलाओं के उत्पादों ने बटोरी सराहना -
डीपीआरसी परिसर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। स्थानीय हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद, खाद्य सामग्री एवं स्वरोजगार से जुड़े उत्पादों ने आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। अधिकारियों और लाभार्थियों ने महिलाओं की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए उनके उत्पादों को आत्मनिर्भर भारत की मिसाल बताया।
उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को टीम भावना के साथ पूरा करना होगा। उन्होंने समूहों से जुड़ी महिलाओं को आजीविका संवर्धन कार्यक्रमों और विभिन्न सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
‘अपनी कहानी-अपनी जुबानी’ बनी प्रेरणा का स्रोत -
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘अपनी कहानी-अपनी जुबानी’ सत्र रहा। स्वयं सहायता समूह की सदस्य सुनीता देवी ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव आया। उनकी संघर्ष और सफलता की कहानी ने उपस्थित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
जिला मिशन प्रबंधक एम0जी0 रवि ने समूह की महिलाओं को आगामी कार्ययोजना से अवगत कराते हुए कहा कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना मिशन की प्राथमिकता है। कार्यक्रम में वीडियो फिल्म के माध्यम से समूहों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का भी प्रदर्शन किया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मिले टैबलेट -
आईसीडीएस विभाग की ओर से कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टैबलेट वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इससे कार्यों के निष्पादन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी तथा योजनाओं की निगरानी और अधिक प्रभावी हो सकेगी।
करमा नृत्य और विकास प्रदर्शनी बने आकर्षण का केंद्र -
कार्यक्रम में संस्कृत विभाग के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत करमा नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोक संस्कृति की इस रंगारंग प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाईं।
वहीं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। प्रदर्शनी में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, विभिन्न विभागों की योजनाओं, विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रदर्शित किया गया। बड़ी संख्या में आए लाभार्थियों और आमजन ने स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में सभी खंड विकास अधिकारी, जिला मिशन प्रबंधक, एपीओ मनरेगा, सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, सामुदायिक कैडर, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।




