Sonbhadra News : दूग्ध उत्पादन कर महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर
दूरस्थ क्षेत्रों के महिलाएं, पशुपालक आज आजीविका से जुड़कर सशक्त हो रही है। उन्हें गांव में ही रोजगार मिलने से महिलाओं ने खुशी जाहिर की। सोनभद्र जिले के जिला मुख्यालय स्थित हरथर गाँव में ॐ स्वयं.......

ॐ स्वयं सहायता समूह के डेयरी का निरीक्षण करती उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह
sonbhadra
12:55 PM, January 3, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• दुग्ध उत्पादन कर प्रतिदिन 10-12 हजार रूपये कमा रही विनीता
• महिलाओं के लिए प्रेरणाश्रोत बनी विनीता
सोनभद्र । दूरस्थ क्षेत्रों के महिलाएं, पशुपालक आज आजीविका से जुड़कर सशक्त हो रही है। उन्हें गांव में ही रोजगार मिलने से महिलाओं ने खुशी जाहिर की। सोनभद्र जिले के जिला मुख्यालय स्थित हरथर गाँव में ओम स्वयं सहायता समूह की महिलाएं डेयरी व्यवसाय से जुड़कर दूध उत्पादन का कार्य कर रही हैं। समूह की सदस्य सदस्य विनीता देवी के प्रयास से काशी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के साथ मिलकर दूध उत्पादन का कार्य करने से महिला उघमिता को बढ़ावा मिल रहा है। वर्तमान में विनीता देवी के अतरिक्त समूह की 10 अन्य महिलाएं मिलकर प्रतिदिन लगभग 400 से 450 ली0 दूध उत्पादन कर काशी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी क़ो सप्लाई कर रही हैं। महिलाओं ने बताया कि वह अपने घरों में गायों क़ो पालकर उनसे होने वाले दूध क़ो काशी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी क़ो बेचकर प्रतिदिन हजारों रूपये की आय कर रही हैं।
इसी क्रम में उपायुक्त स्वतः रोजगार सरिता सिंह ने गुरुवार क़ो हरथर स्थित ॐ स्वयं सहायता समूह का निरीक्षण किया। इस दौरान अपने डेयरी में समूह सदस्य विनीता देवी ने साहीवाल, फिजिशियन, जर्सी, सिंध, क्रास ब्रीड, देसी विभिन्न नस्ल की कुल 40 गायों क़ो पाल रखा है। जिससे प्रतिदिन 300 से 350ली0 दूध उत्पादन करती हैं। उपायुक्त स्वतः रोजगार ने डेयरी के निरीक्षण के साथ ही दूध की क्वालिटी जाँचने के लिए बने लैब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि विनीता देवी अन्य महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं।
वहीं समूह सदस्य विनिता देवी ने बताया कि "उनके डेयरी में विभिन्न नस्लों की कुल 40 गायें मौजूद हैं, जिनसे प्रतिदिन 300 से 350 ली0 दूध का उत्पादन होता है वहीं समूह की अन्य महिलाओं द्वारा भी अपने घरों से कुल 100 से 150 ली0 दूध का उत्पादन किया जाता है। दूध उत्पादन और उसकी जाँच में उनके पति अविनाश उनका तकनीकि सहयोग करते हैं। जाँच के उपरांत दूध क़ो वह लोग काशी मिल्क प्रॉड्यूसर कम्पनी क़ो 40 से 60 रुपया प्रति ली0 की दर से बेच देते हैं। जिससे उन्हें प्रतिदिन तकरीबन 10 से 12 हजार रूपये की आय हो जाती हैंजिसे कम्पनी साप्ताहिक पेमेंट कर देती है। उन्होंने NRLM समूह का धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के उत्थान में NRLM समूह ने महती भूमिका निभाई है।"




