Sonbhadra News : महिला की मौत का मामला पहुंचा थाने, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
घोरावल कोतवाली क्षेत्र के मोहनी गांव की एक महिला की मौत रविवार को उपचार के दौरान हुई। मृतक के परिजन का आरोप है कि उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाने के कारण महिला की मौत हो गई है।

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7:30 PM, May 5, 2025
शान्तनु कुमार
सोनभद्र । घोरावल कोतवाली क्षेत्र के मोहनी गांव की एक महिला की मौत रविवार को उपचार के दौरान हुई। मृतक के परिजन का आरोप है कि उपचार के दौरान इंजेक्शन लगाने के कारण महिला की मौत हो गई है। बताया गया कि मोहनी गांव की कलावती 55 वर्ष पत्नी गिरधारी केवट को पेट दर्द व उल्टी होने पर रविवार की भोर में नगर में संचालित एक निजी अस्पताल मे भर्ती कराया गया। कलावती की हालत बिगड़ गई थी और उपचार के दौरान उसकी सांस थम गई। इस मामले में मृतक के परिजनों का आरोप है कि झोलाछाप चिकित्सक ने इंजेक्शन दवा उपचार किया, जिससे कलावती की 5 मिनट बाद ही मौत हो गई। लेकिन अपना पल्ला झाड़ने के लिए अनजान बनते हुए उसे अपने क्लीनिक के ही एंबुलेंस से बीएचयू के लिए रेफर कर दिया। जहां पर बीएचयू के चिकित्सकों ने उसे देखकर मृत घोषित कर दिया। घटना से स्वजन में कोहराम मच गया। शव को लेकर स्वजन उसी एंबुलेंस से घोरावल पहुंचे। इसके बाद स्वजन रोते बिलखते कोतवाली पहुंच गए। उधर घटना की जानकारी होते ही चिकित्सक व संचालक शटर गिराकर फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
इस मामले में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि मृतका के पति गिरधारी से सूचना मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल में फंसते हैं मरीज
घोरावल समेत क्षेत्र में दर्जनों झोला छाप अस्पतालों द्वारा गुमराह कर इलाज करने पर अक्सर मरीजों की जान पर खतरा रहता है।बताया जाता है कि पूरे क्षेत्र में अवैध अस्पतालों और पैथलाजी संचालकों द्वारा मरीजों का शोषण किया जाता है।अधिकारियों से शिकायत करने पर केवल लीपापोती कर दी जाती रही है।जांच में केवल खानापूर्ति कर पुनः मरीजों से लूटखसोट के लिए अघोषित परमिशन दे दी जाती है।बता दें कि पूरे घोरावल क्षेत्र के कई किलोमीटर की परिधि में एकमात्र घोरावल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के कारण मरीजों की पहुंच नही हो पाती जिसके कारण गांव गांव में अवैध अस्पताल अप्रशिक्षित लोगों द्वारा चलाया जाता है। यहां पहुंचने वाले मरीजों का इलाज भगवान भरोसे रहता है।वहीं ब्लॉक के दर्जनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिना चिकित्सकों के चलाए जा रहे हैं। जहां सरकारी डाक्टर नाम मात्र के अटैच कर दिए गए हैं लेकिन कोई उपलब्धता समुचित नही हो पा रही है।जगह जगह सरकारी अस्पतालों के पास से दलालों के द्वारा इन झोला छाप अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जा रहा जहां मरीजों को तब तक इलाज के लिए रखा जाता है जब तक उनकी जेब खाली नही हो जाती है।स्थिति खराब होने पर किसी और अस्पताल में भेजे जाने का नाटक खेला जाता है।




