सोनभद्र । पिछले दिनों राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में निरीक्षण के दौरान जिस तरह से दुर्व्यवस्था व कमियां निकल कर सामने आई उससे एक बात तो साफ हो गया कि या तो अस्पताल में तैनात अधीक्षक की ऊपर अच्छी पकड़ है या फिर अधिकारियों द्वारा की जा रही जांच भी खानापूर्ति के तौर पर हो रहा । महिला आयोग की सदस्य के जांच के दौरान जिस तरह से परत दर परत कमियां उजागर होने लगी, और अधीक्षक द्वारा यह कहना कि उसकी कोई सुनता नहीं, यह बेहद गंभीर प्रकरण है । बड़ा सवाल तो यह है कि अस्पताल लोगों की जिंदगी व मृत्यु से जुड़ा होता है, ऐसे में यदि उनके ही स्टाफ उनकी नहीं सुनेंगे तो कभी भी बड़ी घटना घट सकती है, उस दौरान आखिर जिम्मेदार कौन होगा । क्योंकि जिस तरह से अधीक्षक ने जांच टीम के सामने कमियां उजागर ग