Sonbhadra News : स्वास्थ्य विभाग की पोल खुली तो आज बभनी पहुंचकर सील कर दिये कई अस्पताल व पैथोलॉजी सेंटर, आखिर जिम्मेदार पर कब होगी कार्यवाही
गुरु प्रसाद ने भी माना की बभनी में बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है क्योंकि टीम के पहुंचने से पहले ही सारे अस्पताल वह पैथोलॉजी सेंटर के संचालक अपना सेंटर बंद करके फरार हो चुके थे।

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6:48 PM, January 12, 2026
शान्तनु कुमार/राजेश कुमार
० आधा दर्जन से अधिक अस्पतालों पर छापेमारी, दो को सील, अन्य को नोटिस चस्पा
० छापेमारी की खबर के बाद कई संचालक अस्पताल से फरार
० गालीबाज अस्पताल संचालक के खिलाफ थाने में पड़ी तहरीर
० सह नोडल ने भी माना कि बभनी men चल रहा बहुत बड़ा सिंडिकेट
० स्वास्थ्य विभाग की टीम आने से पहले हो गयी थी संचालकों को सूचना
बभनी (सोनभद्र) । स्वास्थ्य विभाग के करस्तानी जब मीडिया की सुर्खियां बनी तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में तेजी दिखलाई पड़ रही है। रविवार को महिलाओं के गर्भपात व बच्चे दानी निकाले जाने की शिकायत पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरम पूरा कर वापस लौटने लगी तो अस्पताल संचालक द्वारा पत्रकारों को धमकी देने व अपनी पहुँच उपर तक होने की बात कह कर मामले को और गर्म कर दिया। जिसके बाद पूरे जिले के पत्रकारों में आक्रोश फैल गया। मजे की बात यह थी कि अस्पताल संचालक द्वारा दी जा रही धमकी के वक्त सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद मौजूद रहे। मामला बढ़ते देख सोमवार को एक बार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बभनी पहुंच कर क्षेत्र में संचालित हो रहे अवैध अस्पतालों, क्लिनिकों तथा पैथोलॉजी सेंटरों पर छापेमारी किया। कई बंद क्लिनिकों पर कारण बताओ नोटिस चस्पा करते हुए सील भी किया। इस दौरान अस्पताल संचालकों में हड़कम्प की स्थिति थी।
बताया जा रहा है कि सोमवार को सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने अपने टीम के साथ बभनी पहुंचे स्वास्थ्य विभाग की टीम आने की भनक लगते ही सभी क्लिनिक संचालकों ने पहले ही क्लिनिक बंद करके फरार हो गए।जब सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद पहुंचे तो क्लिनिक बंद होने की दशा में कारण बताओ नोटिस चस्पा कर दिया और नीरज होम्यो हाल, मार्डन पैथोलॉजी सेंटर को सील कर दिया । कारण बताओ नोटिस में तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। इसके साथ ही बाल चिकित्सालय पहुंचे और वहां भी नोटिस चस्पा किया । यहां के बाद बभनी बाजार पहुंच कर संजीवनी हास्पिटल एण्ड सर्जिकल सेंटर पहुंच कर सील किया। इसके बाद चौना रोड पहुंच कर आशीर्वाद क्लिनिक को भी सील कर दिया तथा न्यू होम्योपैथी चिकित्सालय भी पहुंचे और उसे भी सील की कार्रवाई किए। स्वास्थ्य विभाग के टीम की छापेमारी से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सभी लोग अपनी अपनी क्लिनिकों को बंद कर भाग गए। सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने कहा कि संजीवनी हास्पिटल एण्ड सर्जिकल सेंटर के संचालक के खिलाफ थाने में एफआईआर के लिए तहरीर दे दी गई है। गुरु प्रसाद ने भी माना की बभनी में बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है क्योंकि टीम के पहुंचने से पहले ही सारे अस्पताल वह पैथोलॉजी सेंटर के संचालक अपना सेंटर बंद करके फरार हो चुके थे। इससे साफ जाहिर है कि यहां का रैकेट काफी मजबूत है और ऊपर तक मिला हुआ है ।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतने दिनों से इतनी बड़ी संख्या में अवैध अस्पताल व पैथोलाजी सेंटर चल रहे थे। इनकी जांच पहले क्यों नहीं हुई। और फिर बिना रजिस्ट्रेशन के आखिर किसके सह पर चल रहा था। हद तो तब हो गयी जब सीमेंट की दुकान के अंदर अस्पताल संचालित होता पाया गया।
भले ही स्वास्थ्य विभाग आधा दर्जन अस्पताल व पैथालॉजी सेंटर पर कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपा रहा है लेकिन इतने दिनों से जो अवैध अस्पताल व पैथोलाजी सेंटर चल रहे थे, इसे रोकने जिम्मेदारी किसकी थी? आखिर उस पर कार्यवाही कब होगी।



