Sonbhadra News : जब 43 डिग्री की तपिश में सड़कों पर उतरी ‘राहत की टोटो’, सदर विधायक ने बांटे गमछे
इन दिनों ऊर्जा की राजधानी सोनभद्र मानो आग का गोला बन चुकी है। जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री के करीब बना हुआ है। तपती सड़कों......

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sonbhadra
6:40 PM, May 21, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• भीषण गर्मी में राहगीरों, मजदूरों, टोटो चालकों और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दिया लू से बचाव का संदेश
सोनभद्र । इन दिनों ऊर्जा की राजधानी सोनभद्र मानो आग का गोला बन चुकी है। जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान भी 27 डिग्री के करीब बना हुआ है। तपती सड़कों, झुलसाती धूप और गर्म हवाओं के बीच आमजन का जीवन बेहाल है। ऐसे हालात में सदर विधायक भूपेश चौबे की "राहत की टोटो" लोगों के लिए उम्मीद बनकर सड़कों पर उतर आई। दोपहर की भीषण गर्मी में विधायक खुद ई-रिक्शा पर निकल पड़े और राहगीरों, दिहाड़ी मजदूरों, टोटो चालकों, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों तथा ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को गमछा वितरित कर उन्हें लू से बचाव के प्रति जागरूक किया।
सदर विधायक भूपेश चौबे ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर खुले आसमान के नीचे काम करने वाले जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने टोटो चालकों, ठेला-खुमचा संचालकों, मोची, मजदूरों और सड़क किनारे काम कर रहे लोगों को गमछे बांटते हुए कहा कि मौजूदा समय में हीटवेव का खतरा लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि "तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने अपील की कि लोग अत्यधिक जरूरी होने पर ही दोपहर में घरों से बाहर निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो सिर और चेहरे को गमछे या कपड़े से ढककर रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम के समय काम करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा। यदि दोपहर में काम करना मजबूरी हो तो गर्मी और लू से बचाव के सभी उपाय अपनाने चाहिए, ताकि किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।"
वहीं गमछा पाकर कामगारों, टोटो चालकों और राहगीरों के चेहरे खिल उठे। भीषण गर्मी में राहत की इस छोटी लेकिन संवेदनशील पहल ने लोगों का दिल जीत लिया। कई मजदूरों और राहगीरों ने विधायक भूपेश चौबे की सराहना करते हुए कहा कि "कम से कम किसी जनप्रतिनिधि ने हमारी परेशानी को समझा तो। इस तपती धूप में हमारी सुध लेने वाला भी कोई नहीं है, लेकिन विधायक खुद सड़क पर उतरकर हमारा हाल जान रहे हैं, यह बड़ी बात है। वहीं लोगों ने कहा कि भीषण गर्मी में गमछा सिर्फ कपड़ा नहीं बल्कि राहत और संवेदना का प्रतीक भी है।"




