Sonbhadra News : संचारी रोगों के खिलाफ जंग का बिगुल, मानसून से पहले प्रशासन ने कसी कमर
मानसून के साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस और अन्य संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं.......

विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण को लेकर अंतर्विभागीय बैठक करती सीडीओ जागृति अवस्थी.....
sonbhadra
7:03 PM, June 23, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• सीडीओ की अध्यक्षता में बनी व्यापक रणनीति
• गांव से शहर तक चलेगा स्वच्छता, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान
सोनभद्र । मानसून के साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस और अन्य संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के द्वितीय चरण को सफल बनाने के लिए मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपते हुए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वास्थ्य, ग्राम विकास, नगर निकाय, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, उद्यान, बाल विकास एवं पुष्टाहार, खाद्य एवं औषधि प्रशासन समेत कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जबकि वीबीडी कंसल्टेंट ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की विस्तृत कार्ययोजना और विभागवार दायित्वों की जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से ही इस चुनौती का प्रभावी मुकाबला किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचाया जाए।
विद्यालयों को जनजागरूकता का केंद्र बनाने के निर्देश देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कहा गया कि प्रतिदिन प्रार्थना सभा में बच्चों को हाथ धोने की सही विधि, साफ-सफाई के महत्व और संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए। विद्यालयों में हैंडवॉश की व्यवस्था, किचन की स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने की बात कही गई।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव और गंदगी को संचारी रोगों का सबसे बड़ा कारण बताते हुए नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को साप्ताहिक कार्ययोजना बनाकर नियमित फॉगिंग, एंटी लार्वल छिड़काव, नालियों की सफाई और कूड़ा निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। बड़े डंपिंग यार्डों की विशेष सफाई तथा वेक्टर नियंत्रण गतिविधियों की निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को अभियान का मुख्य आधार बनाते हुए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, सार्वजनिक स्थलों की सफाई और जलभराव वाले स्थानों पर विशेष कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधानों को चौपाल, बैठकों और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में पशुपालन एवं कृषि विभाग को स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए किसानों और ग्रामीणों के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। वहीं खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को मानसून के दौरान खुले में बिकने वाले कटे फल, दूषित खाद्य पदार्थ और मानकविहीन खाद्य सामग्री के खिलाफ सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
उद्यान विभाग को सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और सरकारी परिसरों में तुलसी, लेमनग्रास, पुदीना एवं गेंदा जैसे मच्छर विकर्षी पौधों का रोपण कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सभी विभागों को माइक्रोप्लान तैयार कर समयबद्ध ढंग से अभियान संचालित करने तथा नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक के अंत में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने सभी विभागों से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी विभाग समन्वित प्रयास करें तो जनपद को संचारी रोगों के खतरे से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।




