Sonbhadra News : मारकुंडी में रास्ता विवाद पर ग्रामीणों ने किया कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, बोले- घूसखोर अधिकारी दबा रहे उनकी आवाज
रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के मारकुंडी न्याय पंचायत के कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मारकुंडी उधम सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर सदियों पुराने सार्वजनिक......

चकबंदी विभाग के विरुद्ध कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते ग्रामीण......
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12:59 PM, July 20, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । रॉबर्ट्सगंज तहसील क्षेत्र के मारकुंडी न्याय पंचायत के कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान मारकुंडी उधम सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर सदियों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर एक व्यक्ति द्वारा चकबंदी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की बाउंड्री बनाकर रास्ता बंद कर दिए जाने से हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है और अब उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान मारकुंडी उधम सिंह ने बताया कि "मारकुंडी, बलुई, बजरटोला, मधुबन, महुअरिया और गुरुदह समेत कई गांवों के लोग वर्षों से जिस मार्ग का उपयोग करते आ रहे थे, उसे कथित रूप से एक व्यक्ति प्रशांत शुक्ला द्वारा पक्की बाउंड्री बनाकर बंद कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का स्थानीय स्तर पर पूरी तरह मजाक बनाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने चकबंदी विभाग के अधिकारियों, कानूनगो और लेखपालों पर घूसखोरी के गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी कार्यवाही नहीं कर रहा। इससे साफ है कि बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इतना बड़ा खेल संभव नहीं है। वह लोग कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते रहे। यदि अब भी ग्रामीणों को न्याय नहीं मिला तो हम पूरे मामले को लेकर उच्च न्यायालय की शरण लेंगे और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।"
वहीं अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि "रास्ता बंद होने से स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, महिलाएं मजदूरी पर नहीं जा पा रही हैं, राशन लेने, बाजार जाने और बीमारों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि दक्षिण दिशा में नहर और पश्चिम दिशा में जलभराव, जबकि उत्तर दिशा में पहाड़ी नाला होने के कारण वैकल्पिक मार्ग भी सुरक्षित नहीं है।"
वहीं ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग किया कि "गाटा संख्या 1772 एवं 1755 स्थित नाले की भूमि पर बनाए गए कथित अवैध निर्माण की जांच कराई जाए तथा बाउंड्री को हटाकर मारकुंडी मेन रोड से बलुई गांव तक सार्वजनिक रास्ता तत्काल बहाल कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या और अधिक प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग को पुनः चालू कराने की मांग की है।"
वहीं ग्रामीणों ने कहा कि जब वे वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर हो रहे कथित अवैध कब्जे का विरोध करने और निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे, तब चोपन थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज सिंह मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रास्ते की समस्या सुनने और निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय एसआई ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की तथा विरोध करने पर फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के इस रवैये से लोगों में भय और आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि पुलिस निष्पक्ष होकर कार्रवाई करती तो वर्षों पुराने सार्वजनिक मार्ग को बंद करने की नौबत नहीं आती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस दौरान ग्राम प्रधान केवटा शीला देवी, लीलावती, शंभू सिंह गौंड, सुनीता, बनारसी, फुलवंती, सीता, अमरनाथ, पर्वती, राधिका, राम लखन, कमला, राजकुमारी, सुगवंती, पूनम, शुकवारी, लखवंती, निशा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।




