Sonbhadra News : मेमसाहब की जी-हुजूरी कर रहे गाँव के सफाई कर्मी
गाँवों की सफाई व्यवस्था में तैनात किए गए 200 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू छोड़कर साहब की चाकरी को चुन लिया है। वह साहब के बंगलों पर काम कर रहे हैं। कोई भाजी-तरकारी ला रहा है तो कोई साहब के.......

गाँवों में उगी घाँस.....
sonbhadra
5:50 PM, August 28, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• जनपद के 200 से अधिक सफाई कर्मियों को झाड़ू थामने में आती है शर्म
• अधिकारियों के बंगलों पर कर रहे नौकरी, गाँव में पसरी रहती है गन्दगी
सोनभद्र । गाँवों की सफाई व्यवस्था में तैनात किए गए 200 से अधिक सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू छोड़कर साहब की चाकरी को चुन लिया है। वह साहब के बंगलों पर काम कर रहे हैं। कोई भाजी-तरकारी ला रहा है तो कोई साहब के पालतू कुत्तों को टहला रहा है। और इससे गाँव की सफाई व्यवस्था का बुरा हाल हो गया है। इस मामले की शिकायत अब शासन तक की गई है।
मायावती सरकार में हुई थी नियुक्ति -
मायावती की सरकार में ग्रामीण क्षेत्र की स़फाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए स़फाई कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। इस दौरान जातीय बन्धन के नियम को शिथिल कर दिया गया था। इससे अन्य जातियों के बेरो़जगार युवाओं ने भी स़फाई कर्मचारी पद के लिए आवेदन कर दिए थे और इनमें से कई की नियुक्ति भी हो गई थी। वर्ष 2008 में हुई इन स़फाई कर्मियों की नियुक्ति में शर्त यह भी शामिल की गई थी कि कर्मचारी की तैनाती उसके ही गाँव में की जाएगी। गाँव में जाति का रौब झाड़ने वालों ने नौकरी तो ले ली, लेकिन जब झाड़ू पकड़ने की बारी आई तो उन्हें शर्म आने लगी। कुछ कर्मचारियों ने वेतन में से हिस्सा देकर दूसरे लोगों से गाँव की साफ-सफाई करानी शुरू कर दी तो कुछ कर्मचारियों ने अलग ही उपाय ढूँढ़ लिया। उन्होंने साहब के बंगलों पर सेवाएं देना शुरू कर दिया है। जनपद के 200 से अधिक सफाई कर्मचारी बड़े अधिकारियों के बंगलों पर नौकरी कर रहे हैं। इससे गाँव की सफाई व्यवस्था गड़बड़ा गई है। इसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी, क्योंकि का़ग़जों में यह कर्मचारी गाँव की सफाई व्यवस्था में ही तैनात दर्शाए जा रहे हैं। अब एक बार फिर गोपनीय शिकायत शासन को भेजी गई है।
जनपद में तैनात हैं 1422 सफाई कर्मचारी -
जनपद में 621 ग्राम पंचायत हैं। शासन ने प्रत्येक राजस्व ग्राम में एक स़फाई कर्मचारी की तैनाती की है। इस समय जनपद में 1422 सफाई कर्मचारी हैं लेकिन 200 से अधिक सफाई कर्मचारी बंगलों पर काम कर रहे हैं। इनका बोझ अन्य सफाई कर्मियों पर डाला गया है। कई सफाई कर्मियों की तैनाती ग्राम पंचायत स्तर पर की गई है, जिससे उन्हें 2 से 3 राजस्व गाँव की व्यवस्था भी सँभालनी पड़ रही है।