Sonbhadra News : स्कूल में Gen-Alfa का ईंट ढोये जाने का वीडियो वायरल, BSA ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
घोरावल ब्लाक में एक स्कूल का वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सरकारी स्कूल के बच्चे कैसे स्कूल बाउंड्रीवाल में ईंट ढो रहे हैं।

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7:32 PM, August 29, 2026
- BSA बोले- वीडियो वायरल करने वाले के खिलाफ होगी कार्यवाही
- BSA बोले- मीडिया का काम वायरल करना नहीं, सहयोग करना है
शांतनु कुमार/आनंद चौबे
सोनभद्र । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सम्मेलन में कहा था कि स्कूलों में बच्चों द्वारा 'श्रमदान' कराना गलत नहीं है। इतना ही नहीं सीएम ने ऐसे शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने के बजाय उन्हें सम्मानित किये जाने की बात भी कही थी। लेकिन सोनभद्र के घोरावल ब्लाक में एक स्कूल का वीडियो वायरल होते ही शिक्षा विभाग में हड़कम्प मच गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सरकारी स्कूल के बच्चे कैसे स्कूल बाउंड्रीवाल में ईंट ढो रहे हैं। वीडियो में टीचर की आवाज भी सुनाई दे रहा है जिसमें वह कह रही है कि थोड़ा सा काम लिया जा रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि स्कूल टाइम पर यह कैसा श्रमदान कराया जा रहा है, जहाँ बच्चों के हाथों में किताब-कलम की जगह ईंट है।
हालांकि वीडियो वायरल होते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय पूरनाकलां की प्रधानाध्यापिका माण्डवी कुमारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। बीएसए ने माना कि विद्यालय की टूटी बाउंड्री के निर्माण कार्य हेतु विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से ईंट ढुलाई का कार्य कराया जा रहा था। जबकि उक्त निर्माण कार्य के लिए राजगीर मिस्त्री एवं श्रमिक भी लगाए गए हैं। बच्चों से इस प्रकार का कार्य कराया जाना विभागीय निर्देशों के प्रतिकूल है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराया जाना प्रतिबंधित है तथा इस प्रकार की गतिविधि बाल श्रम की श्रेणी में आती है।
इस सम्बन्ध में जब बीएसए से फोन पर बात किया गया तो उन्होंने कहा कि जिसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किया है, उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि बच्चों के पिता ने लिखकर दिया है कि सभी बच्चे अपनी मर्जी से काम कर रहे थे। वहीं बीएसए ने मीडिया को लेकर कहा कि मीडिया का काम चीजों को वायरल करना नहीं बल्कि सहयोग करना है।
बहरहाल जहाँ पूरे प्रदेश में Gen-Alfa को लेकर शासन प्रशासन परेशान है। वहीं सोनभद्र में Gen-Alfa से श्रमदान कराये जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जहाँ सीएम योगी श्रमदान को गलत नहीं मानते बल्कि सम्मानित किये जाने की बात कह रहे हैं वहीं सोनभद्र का शिक्षा विभाग स्पष्टीकरण तो जारी कर दिया है, अब आगे कार्यवाही क्या करता है यह देखना दिलचस्प होगा।




