Sonbhadra news : साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली बड़ी राहत, पुलिस ने वापस कराए ₹25,500
पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के एक मामले में पीड़ित को बड़ी राहत मिली है।

sonbhadra
9:32 PM, June 17, 2026
रविंद्र नाथ पाठक (संवाददाता)
जुगैल (सोनभद्र)। थाना जुगैल पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के एक मामले में पीड़ित को बड़ी राहत मिली है। पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने तकनीकी जांच और बैंक समन्वय के माध्यम से ठगी गई धनराशि में से ₹25,500 वापस पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक लौटवा दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जुगैल थाना क्षेत्र निवासी अशोक कुमार साहू के साथ 25 अगस्त 2025 को अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा यूपीआई के माध्यम से धोखाधड़ी की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप उनके बैंक खाते से ₹31,000 की धनराशि निकल गई थी। घटना के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में जनपद में चलाए जा रहे साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जुगैल शिव प्रताप वर्मा के नेतृत्व में साइबर हेल्प डेस्क ने मामले की गहन जांच की।
जांच के दौरान साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया तथा संबंधित बैंक से संपर्क स्थापित कर आवश्यक पत्राचार किया। इसके बाद धनराशि को होल्ड एवं फ्रीज कराते हुए नियमानुसार रिवर्सल की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप पीड़ित की ठगी गई राशि में से ₹25,500 वापस उसके मूल बैंक खाते में जमा करा दिए गए।
धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित अशोक कुमार साहू ने जुगैल पुलिस एवं साइबर टीम का आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।
साइबर टीम में शामिल रहे:
- शिव प्रताप वर्मा, प्रभारी निरीक्षक, थाना जुगैल
- मुख्य आरक्षी लालबहादुर, साइबर हेल्प डेस्क
- महिला आरक्षी केशकली, साइबर हेल्प डेस्क
साइबर जागरूकता संदेश: पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके (APK) फाइल, संदिग्ध लिंक अथवा मोबाइल एप्लिकेशन को डाउनलोड न करें। ऐसी फाइलें मोबाइल का नियंत्रण अपराधियों के हाथ में पहुंचा सकती हैं और बैंक खातों से धनराशि की चोरी हो सकती है। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।




