Sonbhadra News : वीबीजी राम जी योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर, 125 दिन रोजगार और देरी पर मुआवजे का प्रावधान
ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका की बेहतर सुरक्षा देने और ग्राम पंचायतों को विकास की प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में.........

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8:40 PM, August 14, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका की बेहतर सुरक्षा देने और ग्राम पंचायतों को विकास की प्रक्रिया में अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को "विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबीजी राम जी" योजना के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया।
सम्मेलन में योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी से लेकर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, मुआवजा और ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की कार्ययोजना से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा की गई। बताया गया कि काम की मांग करने के बावजूद निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं होने पर पात्र श्रमिक को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का प्रावधान है। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर विलंबित अवधि के लिए मुआवजा दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
ग्राम सभा तय करेगी गांव की विकास प्राथमिकताएं -
जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल ने कहा कि "ग्रामीण भारत के समग्र विकास में ग्राम पंचायतों और पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वीबीजी राम जी योजना ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और आजीविका के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पंचायत प्रतिनिधि योजना के प्रावधानों को समझकर प्रत्येक पात्र परिवार तक इसकी जानकारी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए, जिससे योजना का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच सके और गांव आत्मनिर्भर बन सकें।"
125 दिन रोजगार से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था -
मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने कहा कि "ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका की बेहतर सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। योजना में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रावधान ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को और मजबूत करेगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कहा कि ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए वास्तविक जरूरतों के आधार पर कार्यों का चयन किया जाए और योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ हो।"
जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अवसंरचना तक होंगे कार्य -
सम्मेलन में बताया गया कि "ग्राम पंचायतें ग्रामीणों की सहभागिता से "विकसित ग्राम पंचायत योजना" तैयार करेंगी। इसके तहत स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। योजना में जल सुरक्षा एवं संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्राकृतिक मौसम से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने का प्रावधान है। बुवाई और कटाई जैसी प्रमुख कृषि गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कुल 60 दिनों की अवधि निर्धारित किए जाने का प्रावधान है। इस दौरान योजना के तहत कार्यों का क्रियान्वयन नहीं होगा, ताकि कृषि कार्यों के समय श्रमिकों की उपलब्धता बनी रहे और खेती-किसानी प्रभावित न हो।"
प्रशासनिक मद की सीमा बढ़कर हुई 9 प्रतिशत -
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक मद की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किए जाने का प्रावधान बताया गया। इससे ग्राम रोजगार सहायकों, फील्ड असिस्टेंट एवं तकनीकी सहायकों की सेवाओं, क्षमता विकास और योजना संचालन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही गांवों में कराए जाने वाले विभिन्न कार्यों को राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना स्टैक पर एकीकृत किए जाने का प्रावधान है। इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय, कार्यों के दोहराव में कमी और संसाधनों के प्रभावी उपयोग में मदद मिलने की उम्मीद है।
मनरेगा के वर्तमान कार्य रहेंगे जारी -
सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत वर्तमान में संचालित कार्य प्रभावित या बंद नहीं होंगे। मौजूदा कार्य पूर्व की भांति पूरे किए जाएंगे तथा नए प्रावधान लागू होने के बाद नियमानुसार नए कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।
अंत में पंचायत प्रतिनिधियों से योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार का आह्वान किया गया। ग्राम सभा स्थलों, पंचायत भवनों, सरकारी कार्यालयों और सामुदायिक भवनों पर पोस्टर-होर्डिंग लगाने, पैम्फलेट वितरण सहित विभिन्न माध्यमों से ग्रामीणों को जागरूक करने पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकें।
ये रहे मौजूद -
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख म्योरपुर मान सिंह गोंड़, वीबीजी राम जी अधिकारी रविन्द्र वीर सिंह, ग्राम प्रधानों सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




