Sonbhadra News : नपा के बगल में ही 'तैरता' मिला अर्बन पीएचसी, बारिश ने खोल दी जलनिकासी के दावों की पोल
नगर पालिका परिषद के ठीक बगल में स्थित अर्बन पीएचसी पिछले दो दिनों की बारिश में जलभराव से घिर गया। अस्पताल परिसर और आसपास जमा पानी ने नगर पालिका के बेहतर वर्षा जलनिकासी व्यवस्था के दावों की पोल........

जलभराव से होकर गुजरते मरीज.....
sonbhadra
9:28 PM, September 1, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । नगर पालिका परिषद के ठीक बगल में स्थित अर्बन पीएचसी पिछले दो दिनों की बारिश में जलभराव से घिर गया। अस्पताल परिसर और आसपास जमा पानी ने नगर पालिका के बेहतर वर्षा जलनिकासी व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी। हालत यह रही कि मंगलवार सुबह अस्पताल पहुंचने वाले स्वास्थ्यकर्मियों से लेकर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों तक को पानी के बीच से होकर गुजरने की मजबूरी बनी रही।
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग मरीजों को उठानी पड़ी। अस्पताल तक पहुंचने के रास्ते में पानी जमा होने के कारण मरीजों को अपने कपड़े संभालकर और पानी के बीच से होकर अस्पताल पहुंचना पड़ा। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब नगर पालिका परिषद के ठीक बगल में स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र का यह हाल है तो शहर के दूसरे निचले इलाकों की जलनिकासी व्यवस्था कितनी बेहतर होगी?
सीएमओ के पत्र का भी नहीं हुआ असर -
बताया जाता है कि अर्बन पीएचसी में जलभराव की समस्या को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से नगर पालिका को पत्र लिखकर नालियों की सफाई कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था। इसके बावजूद बारिश होते ही स्थिति जस की तस नजर आई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से समस्या की जानकारी दिए जाने के बाद भी यदि अस्पताल के आसपास जलभराव बना हुआ है तो यह नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या नालियों की सफाई केवल कागजों पर होती है? क्या बारिश से पहले जलनिकासी व्यवस्था की जांच महज औपचारिकता बनकर रह गई है?
इलाज कराने आए हैं, पानी पार करने नहीं -
अस्पताल पहुंचीं मुस्लिम महिला मरीजों ने जलभराव को लेकर नाराजगी जताई। इन मरीजों के वास्तविक शब्द उपलब्ध होने पर उनके नाम सहित हूबहू बयान जोड़े जा सकते हैं; नीचे खबर के लिए बयान का अखबारी प्रारूप है।
एक महिला मरीज नाजनीन ने कहा कि "इलाज कराने के लिए अस्पताल आना जरूरी है, लेकिन अस्पताल के रास्ते में ही पानी भरा होने से काफी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान होना चाहिए।"
दूसरी महिला मरीज आफरीन ने कहा कि "बारिश में पानी के बीच से होकर अस्पताल पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इससे ज्यादा परेशानी होती है।"
एक अन्य मरीज के तीमारदार राजकुमार के मुताबिक, "अस्पताल के आसपास पानी जमा रहने से फिसलने और कपड़े खराब होने का डर बना रहता है। उन्होंने मांग की कि अस्पताल परिसर और मुख्य रास्ते की जलनिकासी तत्काल दुरुस्त कराई जाए।"
वहीं एक अन्य मरीज बताया कहा कि "जब नगर पालिका के ठीक बगल में ही अस्पताल का यह हाल है तो शहर के अन्य इलाकों की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से बारिश के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की।"
दावे बड़े, जमीन पर व्यवस्था छोटी -
शहर में जलनिकासी व्यवस्था को लेकर समय-समय पर सफाई और नालियों की व्यवस्था दुरुस्त होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश ने इन दावों की वास्तविकता सामने ला दी। नगर पालिका के ठीक बगल में स्थित अर्बन पीएचसी का पानी में घिर जाना व्यवस्था पर अपने आप में बड़ा सवाल है।
"बहरहाल अर्बन पीएचसी का पानी में डूबना नगर पालिका की जलनिकासी व्यवस्था की जमीनी हकीकत बयां करने के लिए काफी है। अस्पताल के बगल में नगर पालिका होने के बावजूद यदि मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को जलभराव से होकर गुजरना पड़े, तो सवाल सिर्फ बारिश का नहीं, बल्कि जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली का है। सीएमओ की पूर्व चेतावनी के बाद भी यदि व्यवस्था जस की तस रही तो आखिर जवाबदेही किसकी तय होगी?"




