Sonbhadra News : प्रसव के बाद महिला की मौत से निजी अस्पताल में हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत का सिलसिला एक बार फिर शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। अभी एक निजी हॉस्पिटल में एक ढ़ाई वर्षीय बच्ची की मौत...

प्रसूता की मौत के बाद निजी हॉस्पिटल के बाद जुटी परिजनों की भीड़....
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12:09 AM, September 4, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान मरीजों की मौत का सिलसिला एक बार फिर शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। अभी एक निजी हॉस्पिटल में एक ढ़ाई वर्षीय बच्ची की मौत का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि दूसरे निजी हॉस्पिटल में प्रसूता की प्रसव के बाद मौत से कोहराम मच गया। एक ही दिन में दो निजी हॉस्पिटलों में दो मौतों से स्वास्थ्य विभाग के सभी दावों की हवा निकाल दी।
ताजा मामले में राबर्ट्सगंज के कम्हारी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद बच्चे को जन्म देने वाली 27 वर्षीय महिला रविता की कुछ ही देर में मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा करते हुए चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत के बाद उसे एंबुलेंस से वाराणसी रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। एंबुलेंस रोककर परिजनों ने विरोध जताया, जिससे अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही।
मौत के बाद एंबुलेंस से रेफर करने की तैयारी का आरोप -
महिला की मौत के बाद मामला उस समय और गरमा गया, जब परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर महिला की मौत के बाद उसे एंबुलेंस से वाराणसी रेफर किए जाने की तैयारी करने का आरोप लगाया। महिला के भाई दीपक राय के मुताबिक इसकी जानकारी होते ही परिजनों ने एंबुलेंस को रोक लिया और अस्पताल परिसर में विरोध शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि यदि महिला की मौत हो चुकी थी तो उसे वाराणसी रेफर किए जाने की तैयारी क्यों की जा रही थी? इसी सवाल को लेकर अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
ऑपरेशन के बाद मौत, इलाज की व्यवस्था पर गंभीर सवाल -
परिजनों ने चिकित्सकों पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ी और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई।
हालांकि महिला की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन ऑपरेशन के बाद अचानक मौत और उसके बाद अस्पताल प्रबंधन पर लगे आरोपों ने निजी अस्पतालों में प्रसव के दौरान मरीजों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक के बाद एक मौतें, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर उठे सवाल -
बहरहाल, जिले में निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान मरीजों की मौत के मामले सामने आने के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी उठता है कि निजी अस्पतालों में ऑपरेशन और प्रसव जैसे गंभीर मामलों के लिए जरूरी चिकित्सकीय संसाधन, प्रशिक्षित स्टाफ और आपातकालीन व्यवस्था वास्तव में मानकों के अनुरूप है या नहीं? एक तरफ अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों से भारी रकम वसूले जाने के आरोप सामने आते हैं, वहीं दूसरी तरफ उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों के हंगामे और लापरवाही के आरोप स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं। यदि हर घटना के बाद केवल जांच का आश्वासन देकर मामला ठंडे बस्ते में चला गया तो निजी अस्पतालों की जवाबदेही आखिर कौन तय करेगा?
सीएमओ बोले- मामला संज्ञान में, जांच के बाद होगी कार्यवाही
वहीं सीएमओ डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि "मामला उनके संज्ञान में है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी।"
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि "उन्हें मामले की जानकारी अभी नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।"




