Sonbhadra News : विंध्य एक्सप्रेसवे के मुआवजे को लेकर बढ़ी किसानों में बेचैनी, 15 सितंबर की सूची पर टिकी निगाहें
विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण की आहट ने प्रभावित गांवों में जमीन की कीमत और मुआवजे को लेकर किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है।

sonbhadra
8:23 PM, September 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण की आहट ने प्रभावित गांवों में जमीन की कीमत और मुआवजे को लेकर किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है। किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस जमीन से उनका खेत, घर और रोजी-रोटी जुड़ी है, उसके अधिग्रहण पर उन्हें आखिर कितना प्रतिकर मिलेगा? कहीं ऐसा न हो कि नई परियोजना से जमीन की कीमत और विकास की संभावनाएं तो बढ़ जाएं, लेकिन मुआवजा पुराने मूल्यांकन के फेर में अटक जाए।
इसी दुविधा के बीच प्रस्तावित नई मूल्यांकन सूची पर प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में आज आपत्ति निराकरण समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में विंध्य एक्सप्रेसवे से प्रभावित होने वाले गांवों के संबंध में प्राप्त सुझाव पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
किसानों की जमीन, लेकिन कीमत तय करने में पुराना पैमाना -
बैठक में रखे गए सुझाव में स्पष्ट तौर पर कहा गया कि प्रभावित गांवों की वर्तमान विकास स्थिति, भविष्य में होने वाले विकास और आसपास के गांवों में प्रचलित अथवा प्रस्तावित दरों को ध्यान में रखकर मूल्यांकन दरों में आवश्यक वृद्धि की जानी चाहिए यानी किसानों की चिंता सिर्फ मुआवजे की रकम को लेकर नहीं, बल्कि जमीन के सही मूल्यांकन को लेकर है। ऐसे में सवाल यह है कि एक्सप्रेसवे जैसी बड़ी परियोजना आने के बाद जब इलाके की जमीन का महत्व बढ़ने वाला है, तो क्या मूल्यांकन भी उसी वास्तविकता के अनुरूप होगा?
डीएम ने दिए पारदर्शी मूल्यांकन के निर्देश -
जिलाधिकारीचर्चित गोंड ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गांवों की वास्तविक विकास स्थिति और आसपास के गांवों की दरों का तुलनात्मक परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि आपत्तियों और सुझावों का निस्तारण सकारात्मक, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित दृष्टिकोण से किया जाए। वहीं डीएम ने निर्देशित किया कि किसानों और भू-स्वामियों के हितों का समुचित ध्यान रखते हुए नियमानुसार उन्हें उनकी भूमि के वास्तविक एवं उचित मूल्य के अनुरूप प्रतिकर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
15 सितंबर को नई सूची, उससे पहले किसानों की उम्मीद और आशंका दोनों बरकरार -
जनपद में 15 सितंबर 2026 से नई मूल्यांकन सूची लागू होना प्रस्तावित है। इससे पहले सभी आपत्तियों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण कर अंतिम सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन प्रभावित किसानों के लिए यह सिर्फ सरकारी सूची में संशोधन का मामला नहीं है। यह उनके खेत, संपत्ति और भविष्य की कीमत का सवाल है। यदि मूल्यांकन दर वास्तविक परिस्थितियों से कम रही तो अधिग्रहण के बाद किसानों को ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई आसान नहीं होगी।
"बहरहाल विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्राहित होने वाली भूमि की नई रेट सूची को लेकर जहाँ किसानों की धड़कने बढ़ गयी है वहीँ इस परियोजना को शुरू करने के लिए प्रशासन की चिंताएं भी कम नहीं है। ऐसे में देखना होगा कि विकास की रफ्तार के साथ किसानों के हितों को भी उतनी ही प्राथमिकता मिलती है या नहीं।"




