Sonbhadra News : एसआईआर के लिए एक माह नाकाफी, दिया जाए एक वर्ष तक का समय - भाकपा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (उ.प्र.) के राज्य कार्यकारिणी सदस्य व सोनभद्र के जिला सचिव कामरेड आर0 के0 शर्मा ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कहा कि उत्तर प्रदेश में इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया ने SIR.....

कामरेड आर0के0 शर्मा
sonbhadra
8:03 PM, November 27, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (उ.प्र.) के राज्य कार्यकारिणी सदस्य व सोनभद्र के जिला सचिव कामरेड आर0 के0 शर्मा ने आज प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कहा कि उत्तर प्रदेश में इलेक्शन कमिशन आफ इंडिया ने SIR (Special Intensive Revision) मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन का अभियान घोषित किया हुआ है, जो 4 नवंबर 2025 से शुरू हो गया है और 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा।
भाकपा नेता ने कहा कि इस सीमित अवधि में मतदाताओं को फार्म प्राप्त करने , उसको भरने तथा बीएलओ से संपर्क करने एवं उसके लिए समय निकालने में भारी परेशानी हो रही है। यह सब ऐसे समय किया जा रहा है जब प्रदेश में शादी विवाह का सीजन है और इस शादी व्याह के सीजन के साथ साथ किसानों और खेत मजदूरों की भी व्यस्तता है। जनपद सोनभद्र की बात किया जाय तो यहां के अधिकांश ग्रामीण व आदिवासी मजदूर इस समय धान की कटाई और रोजी-रोटी कमाने में अन्य जिलों में प्रवास कर रहे है।फिर 4 दिसंबर 2025 को यह अभियान समाप्त भी हो जाएगा। जबकि सोनभद्र भौगोलिक रूप से वृहद क्षेत्रफल वाला जनपद है, जहां नेटवर्क प्राब्लम के साथ अधिकांशतः अशिक्षित भी हैं, जनपद की चारों विधानसभा को मिलाकर वर्तमान में 1079 बूथ और 13 लाख से अधिक मतदाता हैं। वास्तव में इतने मतदाताओं का सत्यापन होना एक महीने में होता हुआ नहीं दिखता है। जनता फॉर्म के लिए परेशान है । बीएलओ को ढूंढ रही है और दूसरी तरफ उनको सस्पेंड किया जा रहा है और खबर है कि एसआईआर के कारण अनावश्यक दबाव के चलते जौनपुर के रहने वाले गोंडा में तैनात शिक्षक और फतेहपुर में लेखपाल ने आत्महत्या कर ली। प्रदेश के अन्य जगहों से भी ऐसी दुःखद खबरें हैं। एसआईआर को लेकर समाज में अफरा तफरी मची हुई है। लोगों में डर है कि अगर फार्म न भरा गया तो कहीं उनकी नागरिकता न समाप्त कर दी जाए। जैसा कि बिहार के वोटर गणना में 70 लाख मतदाता बाहर कर दिए गए, जो लोगों की स्मृति में है। उत्तर प्रदेश राज्य में बड़ी संख्या में लोग साक्षर नहीं हैं। फार्म अपने आप भर भी नहीं सकते हैं , ना ही उनके पास तत्काल रखी हुई हाल की फोटो है। वर्तमान में इलेक्शन कमीशन ने इन सब फैक्टर को संज्ञान में नहीं लिया।
भाकपा नेता कामरेड आर0के0 शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि गहन पुनरीक्षण करवाना है तो कम से कम एक साल का समय होना चाहिए। ताकि प्रत्येक मतदाता को यह समझ में आ जाए कि उसको क्या करना है और फॉर्म को कैसे भरना है ।




