Sonbhadra News : बभनी में स्वास्थ्य महकमे के दो अधिकारी आमने-सामने, ग्रामीणों की तस्वीर भी झुठला दी गयी
बभनी मोड़ पर स्थिति नीरज होम्योहाल पर बड़े पैमाने पर एलोपैथ की दवा बिक्री के ग्रामीणों के शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने नीरज होम्योहाल को सील कर दिया था ।

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6:52 PM, January 19, 2026
शान्तनु कुमार/राजेश कुमार
० दो दिन पूर्व टूटी सील,को जांच अधिकारी ने झुठला दिया, कहा- आज तोड़ी गई सील
० ग्रामीणों ने दो दिन पहले टूटी सील का बनाया था जीपीएस फोटो-वीडियो
० होम्योपैथिक के जिला चिकित्सा अधिकारी की कार्यवाही सह नोडल के बिल्कुल उलट
० चर्चा का विषय बनता जा रहा है स्वास्थ्य विभाग की कार्यवाही
बभनी (सोनभद्र) । स्थानीय थाना क्षेत्र के बभनी मोड़ पर स्थिति नीरज होम्योहाल पर बड़े पैमाने पर एलोपैथ की दवा बिक्री के ग्रामीणों के शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने नीरज होम्योहाल को सील कर दिया था । जिसे सोमवार को होम्योपैथिक विभाग के अधिकारियों ने चालू करा दिया।
जानकारी के अनुसार बभनी मोड़ स्थित नीरज होम्योहाल में बड़े पैमाने पर एलोपैथ से इलाज की शिकायत हुई थी, जिसपर स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल गुरु प्रसाद ने सील कर दिया था । सील होने के चार दिन बाद ही अवैध हॉस्पिटल संचालक ने स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए गए सील को तोड़ दिया और पुनः हॉस्पिटल चालू कर दिया। ग्रामीणों के विरोध और मीडिया में खबर प्रकाशन के बाद रविवार को पुनः बंद कर दिया गया।
दो दिन पहले नीरज होम्योहॉल की टूटी थी सील
ग्रामीणों की माने तो दो दिन पूर्व ही अस्पताल पर लगी सील को अवैद्य संचालक ने तोड़ दिया जिसका जीपीएस फोटो वीडियो ग्रामीणों ने बनाया था। बावजूद इसके होम्योपैथिक विभाग के जिला चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सूर्य प्रकाश त्रिपाठी ने आन कैमरा हास्यास्पद बयान देकर चौका दिया। उन्होंने कहा कि मेरे सामने सील तोड़ी गई है । अस्पताल में कुछ भी एलोपैथ की दवा नहीं मिली है और ना ही आपरेशन के उपकरण मिले हैं।
होम्योपैथिक विभाग के जिला चिकित्साधिकारी के बयान के बाद अब जिले के दो स्वास्थ्य अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। ऐसे में यह तो समझ में आता है कि होम्योपैथिक विभाग के जिला चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सूर्य प्रकाश त्रिपाठी अपने डॉक्टर के पक्ष को ज्यादा मजबूती से रख रहे हैं । लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सह नोडल अधिकारी गुरु प्रसाद ने सील की जो कार्यवाही की थी वह गलत था और फिर ग्रामीणों द्वारा ली गयी तस्वीर भी गलत थी।
कुल मिलाकर यह तो साफ हो गया कि स्वास्थ्य महकमा भले एक हो मगर विभाग अलग-अलग होने से अधिकारियों में तालमेल की कमी है और हर विभाग अपने विभाग की तरफदारी में जुटा है। ऐसे में जरूरी है उच्च अधिकारियों द्वारा टीम गठित कर जांच करवा कर मामले को उजागर करने की। ताकि स्वास्थ्य माफियाओं के चक्कर में विभागीय अधिकारी आपस में आमने-सामने न खड़े हो जाएं।




