Sonbhadra News : वंदन योजना से संवरेंगे जिले के दो प्राचीन मंदिर, ₹4 करोड़ स्वीकृत
योगी सरकार की वंदन योजना से जनपद के दो प्राचीन धार्मिक स्थलों की तस्वीर बदलने जा रही है। शासन ने दुद्धी नगर पंचायत स्थित प्राचीन महावीर जी मंदिर और नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा स्थित मां शीतला माता.....

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sonbhadra
6:58 PM, August 12, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• दुद्धी स्थित महावीर जी और चुर्क स्थित मां शीतला मंदिर के विकास को करीब चार करोड़ रुपये मंजूर
सोनभद्र । योगी सरकार की वंदन योजना से जनपद के दो प्राचीन धार्मिक स्थलों की तस्वीर बदलने जा रही है। शासन ने दुद्धी नगर पंचायत स्थित प्राचीन महावीर जी मंदिर और नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा स्थित मां शीतला माता मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए करीब चार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। विकास कार्य पूरे होने के बाद दोनों मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होंगे, बल्कि धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी विकसित किए जा सकेंगे।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के अनुसार, दुद्धी स्थित प्राचीन महावीर जी मंदिर में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 1.93 करोड़ रुपये तथा चुर्क-घुर्मा स्थित मां शीतला माता मंदिर के लिए 1.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। शासन से धनराशि स्वीकृत होने के बाद अब विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
लिंक रोड से लेकर प्रकाश और पेयजल तक की सुविधाएं -
वंदन योजना के तहत दोनों मंदिरों के आस-पास श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिंक रोड का निर्माण, मंदिर परिसर की साज-सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास कराया जाएगा। इन सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को मंदिरों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी और धार्मिक स्थलों की खूबसूरती भी निखरेगी।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा -
जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने बताया कि "सोनभद्र प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी समृद्ध जनपद है। यहां अनेक प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल हैं, जिनका अपना आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। ऐसे स्थलों पर बेहतर अवस्थापना सुविधाएं विकसित होने से स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही दूसरे जिलों और प्रदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जनपद के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शासन को भेजे गए प्रस्तावों के क्रम में दोनों मंदिरों के विकास को स्वीकृति मिली है। विकास कार्य पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।"




