Sonbhadra News : आजादी के दशकों बाद भी एक पक्की सड़क को तरस रहा है इस गांव के ग्रामीण! अधिकारी और जनप्रतिनिधि बस देते हैं आश्वासन.......
किसी भी गांव के विकास के लिए ये जरुरी है कि उस गांव में वो तमाम बुनियादी सुविधाएं हो, जिसके होने का दावा सरकार करती है। स्कूल,आंगनबाड़ी, सड़क , बिजली, पानी और राशन दुकान की मांग लगभग हर गांव.......

सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण..….
sonbhadra
7:34 AM, January 29, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । किसी भी गांव के विकास के लिए ये जरुरी है कि उस गांव में वो तमाम बुनियादी सुविधाएं हो, जिसके होने का दावा सरकार करती है। स्कूल,आंगनबाड़ी, सड़क , बिजली, पानी और राशन दुकान की मांग लगभग हर गांव में होती है। इनमें से कुछ चीजें किसी गांव में होती है और कुछ नहीं, लेकिन इन सब चीजों में जिसकी डिमांड सबसे पहले होती है वो है सड़क, क्योंकि सड़क ही वो कुंजी है जिससे विकास के खजाने का ताला खोला जा सकता है। लेकिन आजादी के दशकों बाद भी यदि किसी गांव को एक सड़क तक मयस्सर न हो तो विकास के सभी दावे सिर्फ हवाहवाई साबित होते हैं।
जी हाँ! हम बात कर रहे हैं रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के बेठिगांव निस्फ गांव की, जहां के ग्रामीण अब तक एक अदद सड़क की राह खोज रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, वहीं चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बस वादें करके चले जाते हैं। बरसात के दिनों में वो लोग घरों में कैद होने को मजबूर हो जाते हैं। वहीं गर्मी के दिनों में पानी के लिए तरसना पड़ता है, इसलिए उन्होंने इस बार पहले रोड तब वोट का मन बनाया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि रोड नहीं बनने की सूरत में वे लोग प्रधान चुनने के लिए पंचायत चुनाव और फिर उसके बाद विधायक चुनने के लिए होने वाले विधानसभा चुनाव में वोट नहीं करेंगे।
ग्रामीणों ने अपनी दुःख-दर्द साझा करते हुए बताया कि "हम लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से निवेदन किया है कि हम लोगों को शीघ्र ही रोड उपलब्ध करवाई जाए। हम लोगों के बच्चे बरसात के मौसम में स्कूल नहीं जा पाते हैं, लोग बमुश्किल बच्चों को अपने कंधे पर बिठाकर रोड तक पहुँचाते है तब कहीं जाकर वो भी विद्यालय जा पाते हैं। बीमारी होने की स्थिति में मरीजों को खाट पर ढ़ोकर एम्बुलेंस तक ले जाया जाता है। बरसात के समय में रास्ता से निकलना मुश्किल होता है। पूरा रास्ता पानी में डूब जाता है। वहीं यदि हल्की बरसात भी हो जाय तो रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है. आज आजादी के 78 साल होने को हैं लेकिन हम लोगों को आज तक सड़क नसीब नहीं हुई है, जबकि वहां पर 15 से 20 घर बने हुए हैं और इसमें 150 से 200 वोटर हैं। वहीं गर्मी के दिनों में हमें पानी के लिए तरसना पड़ता है दूर से ढ़ोकर पानी लाना पड़ता है क्यूंकि टैंकर भी हमारे यहाँ तक नहीं आ पाता। ऐसे में ग्राम पंचायत के अधिकारी भी सिर्फ पंचायत भवन तक ही आते हीं आज तक उनकी सुधि लेने कभी नहीं आये, यहीं हॉल जनप्रतिनिधियों का भी है। जनप्रतिनिधि सिर्फ वोट मांगने ही आते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, किसी ने हमारे रोड की आज तक सुध नहीं ली। कुछ दिनों पूर्व गांव की एक पक्की सड़क जो पूर्व में कई बार बन चुकी है उसके पुनः बनने के लिए सदर विधायक ने शिलान्यास किया लेकिन जो सड़क कभी नहीं बनी आज तक पक्की नहीं हुई इसकी सुधि लेने नहीं आए, इसलिए हम सभी ग्रामीण खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और हम सभी ने मन बना लिया है कि पहले रोड फिर वोट। यदि हमें पक्की सड़क नहीं मिलती है तो हम सभी इस बार पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार करेंगे।"
इस दौरान भगवान दास, राममूरत, लालता, शांति, साधना, अर्पित, जगरदेव, देवनारायण, राजेश, संदीप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




