Sonbhadra News : यह है आदर्श के मानक... कागजों पर चल रहा स्वच्छता अभियान
नाम आदर्श हो तो जेहन में एक छवि बनती है सुंदरता की। लेकिन जब छवि बदसूरत हो तो...

sonbhadra
12:04 PM, August 2, 2026
शांतनु कुमार
नाम आदर्श हो तो जेहन में एक छवि बनती है सुंदरता की। लेकिन जब छवि बदसूरत हो तो...
ऐसा ही नजारा आदर्श नगर पालिका परिषद क्षेत्र में देखा जा सकता है। यहाँ आपको सब नाम के उलट देखने को मिलेगा । चंडी तिरहे से लेकर कहीं भी फ्लाईओवर के नीचे अतिक्रमण और गंदगी का अंबार है। इसके अलावा चाहे आप किसी भी वार्ड में चले जाएं वहाँ गंदगी देखने को मिल जायेगा। यूँ तो नगर में हर दिन घरों से कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी आती है लेकिन उन कूड़ों को नजर अंदाज कर दिया जाता है जो महीनों से डंप पड़े हैं। लोगों का कहना है कि बरसात के समय यही कूड़ा बीमारी का कारण बनता है।
आदर्श की एक तस्वीर रावर्ट्सगंज नगर में जगह-जगह लगे मूत्रालय की भी देख लीजिये... मूत्रालय तो बना दिया गया लेकिन हालात ऐसा कि उपयोग करना तो छोड़िये शायद कोई पास से गुजरना भी पसन्द न करे। टूटा हुआ दरवाजा और गंदगी व्यवस्था की पोल खोल रही है... देख कर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि लम्बे समय से सफाई नहीं हुई। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को होती है। न साफ सफाई, उपर से टूटा दरवाजा।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि सिर्फ नाम आदर्श होने मात्र से सब कुछ चकाचक नहीं हो जाता, उसके लिए जमीन पर काम करने की जरूरत है। सवाल तो यह भी उठता है कि जब हर वार्ड में सभासद हैं तो इन सब कमियों की जानकारी नगर पालिका को क्यों नहीं है। जहाँ एक तरफ जिलाधिकारी नगर को सुंदर बनाने के लिए फ्लाईओवर के नीचे सुंदरीकरण कराने की सोच रहे हैं ताकि बाहर से आने-जाने वाले लोगों को नगर सुंदर व स्वच्छ दिखे। मगर जिलाधिकारी के अकेले चाह लेने मात्र से यह अभियान तब तक सफल नहीं होगा जब तक कि हर विभाग इमानदारी से अपनी भागीदारी न निभाए।
आप सूची में देख सकते हैं कि कैसे सफाई के लिए दिन भी तय है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।




