Sonbhadra News : भीड़ थी, रोशनी थी, सुरक्षा के दावे थे... फिर भी गायब हो गई 'नाबालिक जलपरी'
रॉबर्ट्सगंज के हाइडिल मैदान में चल रही प्रदर्शनी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जलपरी के रूप में काम करने पहुंची 17 वर्षीय किशोरी के अचानक लापता होने की घटना ने न सिर्फ परिजनों की चिंता.....

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12:24 PM, June 10, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र ।
पन्नूगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी 29 मई को रोजगार की उम्मीद लेकर प्रदर्शनी पहुंची थी, लेकिन अगले ही दिन उसके लापता होने की खबर ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। परिजनों का आरोप है कि एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। अब सवाल यह है कि जिस प्रदर्शनी में युवतियों और नाबालिगों को काम पर रखा जाता है, वहां उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल लगने वाली ऐसी प्रदर्शनी में सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अक्सर इसके उलट दिखाई देती है। यदि कोई नाबालिग वहां काम कर रही थी तो क्या उसका सत्यापन हुआ था? क्या आयोजकों ने उसके अभिभावकों की अनुमति और सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया था? क्या पूरे परिसर में पर्याप्त निगरानी व्यवस्था मौजूद थी? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब अब तक सामने नहीं आया है।
घटना के बाद लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि मनोरंजन और कमाई के नाम पर आयोजित होने वाले ऐसे आयोजनों की नियमित निगरानी आखिर कितनी प्रभावी है। यदि किसी नाबालिग के साथ कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो उसकी जवाबदेही किसकी तय होगी? आयोजकों की, प्रशासन की या फिर उस व्यवस्था की जो ऐसे आयोजनों को अनुमति देती है?
पीड़ित मां ने कोतवाली रॉबर्ट्सगंज में तहरीर देकर पुत्री की सकुशल बरामदगी और आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रदर्शनी केवल मनोरंजन का केंद्र हैं या फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण संवेदनशील वर्गों के लिए जोखिम का कारण भी बनती जा रही हैं।
फिलहाल एक मां अपनी बेटी की वापसी का इंतजार कर रही है और पूरा मामला यह संकेत दे रहा है कि प्रदर्शनी की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली की गहन जांच अब समय की मांग बन चुकी है।




