Sonbhadra News : गाँव-गाँव फैला अवैध शराब का जाल, आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने की कार्यवाही की मांग
जनपद के ग्रामीण इलाकों में जहरीली कच्ची शराब का अवैध कारोबार बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा है। हालात यह हैं कि गाँव-गाँव खुलेआम कच्ची शराब तैयार कर बेची जा रही है, लेकिन इस धंधे पर लगाम लगाने के.......

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने जाते ग्रामीण.....
sonbhadra
3:06 PM, July 3, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद के ग्रामीण इलाकों में जहरीली कच्ची शराब का अवैध कारोबार बेखौफ तरीके से फल-फूल रहा है। हालात यह हैं कि गाँव-गाँव खुलेआम कच्ची शराब तैयार कर बेची जा रही है, लेकिन इस धंधे पर लगाम लगाने के लिए जिम्मेदार आबकारी विभाग की सक्रियता पर सवालिया निशान लग रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब माफिया निर्भीक होकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी जमीनी कार्रवाई के बजाय सिर्फ कागजी अभियान चलाने तक सीमित हैं। लोगों का कहना है कि यदि विभाग वास्तव में नियमित छापेमारी और प्रभावी कार्रवाई करे तो अवैध शराब का यह कारोबार एक दिन भी नहीं चल सकता।
मारकुण्डी ग्राम पंचायत निवासी गंगा सागर पुत्र दुःखी ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि क्षेत्र के विभिन्न गाँवों में लंबे समय से कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री खुलेआम हो रही है। इसके कारण युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है, गरीब परिवार बर्बाद हो रहे हैं और गाँवों का सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब ने कई परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। युवा तेजी से नशे की लत में फंस रहे हैं, गरीब परिवार आर्थिक संकट झेल रहे हैं और आए दिन मारपीट, घरेलू हिंसा तथा अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। महिलाओं और बुजुर्गों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। लोगों का आरोप है कि शराब माफिया बिना किसी डर के अपना कारोबार चला रहे हैं।
ऐसे में सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि कच्ची शराब लोगों की जान के लिए भी खतरा बन चुकी है। प्रदेश के कई जिलों में जहरीली शराब से मौतों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसके बावजूद यदि गांवों में अवैध शराब का कारोबार नहीं रुक रहा है तो आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर लंबे समय से यह धंधा चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन अवैध शराब बड़ा हादसा बन सकती है।
शिकायतकर्ता गंगा सागर ने जिलाधिकारी से मांग किया कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा शराब माफियाओं के साथ-साथ यदि किसी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
"बहरहाल, सवाल सिर्फ अवैध शराब बेचने का नहीं, बल्कि उसे रोकने वाले तंत्र की जवाबदेही का भी है। जब ग्रामीण खुद जिलाधिकारी तक गुहार लगाने को मजबूर हों, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग कागजी कार्रवाई से बाहर निकलकर शराब माफियाओं पर शिकंजा कसता है या फिर शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग की बड़ी घटना का इंतजार करता है।"




