Sonbhadra News : तिल और गुड़ की सौंधी खुशबू से महक रहा बाजार
चार दिनों बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार है। बाजार तिल-गुड़ की खुशबू से महक रहा है। तिलकुट की दुकानें सज गई हैं। लोकल और बिहार के कारीगर तिलकुट बनाने में व्यस्त हैं। हर चौक-चौराहे पर चूड़ा....

तिल और गुड़ की सजे बाजार....
sonbhadra
1:50 PM, January 9, 2025
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । चार दिनों बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार है। बाजार तिल-गुड़ की खुशबू से महक रहा है। तिलकुट की दुकानें सज गई हैं। लोकल और बिहार के कारीगर तिलकुट बनाने में व्यस्त हैं। हर चौक-चौराहे पर चूड़ा, तिलकुट और लाई की दुकानें सज गई हैं। स्वर्ण जयंती चौक, मेन चौक से लेकर धर्मशाला चौक तक सड़क किनारे लगी तिलकुट दुकानों में चहल पहल बढ़ गई है।
ठण्ड में तिलकुट खाना सेहत के लिए माना जाता है अच्छा -
ठंड में तिलकुट खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, इसलिए तिलकुट की दुकानें दिसंबर से ही सज गई। ठंड शुरु होने के साथ ही रॉबर्ट्सगंज में बिहार और स्थानीय कारीगर तिलकुट बनाने में जुट गए। पूर्व में जहां छिटपुट तिलकुट की बिक्री हो रही थी, मकर संक्रांति नजदीक आने के साथ तिलकुट की बिक्री में तेजी आ गई है।
बाजार में है विभिन्न वेरायटी के तिलकुट -
बाजार में विभिन्न वेरायटी के तिलकुट उपलब्ध है। इस बार चीनी की अपेक्षा गुड़ के तिलकुट अधिक बिक रहे हैं। वहीं खोया तिलकुट महंगा, लेकिन सबसे खास है। स्वर्ण जयंती चौक स्थित तिलकुट दुकान के विक्रेता विनोद महाराजा ने बताया कि मकर संक्रांति को लेकर डेढ़ माह से बिहार के कारीगर तिलकुट तैयार कर रहे हैं। बताया कि 200 रुपए किलो से लेकर 400 रुपए किलो तक के तिलकुट उपलब्ध हैं। बताया कि जनरल तिलकुट 200 रुपए किलो है। वहीं गया का मशहूर तिलकुट 280 रूपये किलो, खोवा लाई ढूंडा 400 रूपये किलो, खोवा तिलकतरी 320 रूपये किलो, खजूर रामदाना लड्डू 260 रूपये किलो, खजूर गुड़ मूंगफली पट्टी 220 रुपए किलो, गया का मशहूर तिलकुट 280 रूपये किलो तथा बेसन का सेव 200 रूपये किलो है। उन्होंने बताया कि अभी बिक्री छिटपुट है। मकर संक्रांति के दो दिन पहले से लेकर मकर संक्रांति के दिन तक तिलकुट की ज्यादा बिक्री होती है।




