Sonbhadra News : श्रद्धा और उल्लास से मना ललही छठ का महापर्व, माताओं ने निर्जला व्रत रख की पुत्रों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना
पुत्रों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना का पावन पर्व ललही छठ गुरुवार को जनपदभर में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। राबर्ट्सगंज, घोरावल, रामगढ़, ओबरा.....

छठ पूजन करती महिलाएं.....
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7:32 AM, September 3, 2026
आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । पुत्रों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना का पावन पर्व ललही छठ गुरुवार को जनपदभर में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। राबर्ट्सगंज, घोरावल, रामगढ़, ओबरा, चोपन, दुद्धी और अनपरा समेत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान बलराम एवं हलषष्ठी माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा स्थलों पर दिनभर मंगल गीतों और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
गोबर से बनाया कृत्रिम तालाब, चढ़ाया पारंपरिक प्रसाद -
सुबह स्नान-ध्यान के बाद व्रती महिलाओं ने व्रत का संकल्प लिया। घरों के आंगन, मंदिरों, तालाबों, पोखरों और कुओं के किनारे पूजा स्थल तैयार किए गए। महिलाओं ने गोबर से लीपकर कृत्रिम पोखरा बनाया और उसमें झरबेरी, पलाश तथा कुश की शाखाएं स्थापित कीं। इसके बाद महुआ, चना, पसही (तिन्नी) का चावल, मकई, मूंछ और भुने हुए अनाज आदि अर्पित कर हलषष्ठी माता का पूजन किया गया।
समूह में एकत्रित महिलाओं ने धूप, दीप, पुष्प और फल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा की तथा हलषष्ठी माता की कथा सुनी। धार्मिक मान्यता के अनुसार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम का जन्म हुआ था। उनका प्रमुख आयुध हल और मुसल होने के कारण इस दिन हल से जुती भूमि में पैदा हुए अन्न तथा गाय के दूध के सेवन से परहेज किया जाता है।
संतानों को लगाया टीका, मांगा उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद -
कथा समाप्त होने के बाद महिलाओं ने हलषष्ठी माता की वेदी से भस्म, हल्दी और सिंदूर का टीका अपने पुत्रों के माथे पर लगाया और उनकी दीर्घायु, सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की। व्रती महिलाओं ने परंपरा के अनुसार बिना हल जुते खेत के अन्न तिन्नी के चावल, महुआ और चना के साथ भैंस के दूध, दही और घी से तैयार सात्विक व्यंजनों का सेवन कर व्रत का पारण किया।
पूजन स्थलों पर महिलाओं के मंगल गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं में चना, महुआ समेत अन्य प्रसाद का वितरण किया गया।
दुग्धेश्वर महादेव मंदिर में हुआ सामूहिक पूजन -
राबर्ट्सगंज स्थित दुग्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में भी ललही छठ के अवसर पर सामूहिक पूजा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने एकत्र होकर विधि-विधान से हलषष्ठी माता का पूजन किया और कथा श्रवण कर अपनी संतानों के यशस्वी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
इस दौरान उमा केसरी, प्रतिभा देवी, सपना, किरण देवी, सीमा, सरिता, रीता, बबीता, निशु एवं सीमा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। सामूहिक पूजन के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत गाए और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाया।




