Sonbhadra News : ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की खेती से खुल रहे आर्थिक समृद्धि के द्वार
किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के साथ नकदी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बागवानी को लगातार प्रोत्साहन दे रही है।


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किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के साथ नकदी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बागवानी को लगातार प्रोत्साहन दे रही है।

शांतनु कुमार
० स्ट्रॉबेरी और ड्रैगन फ्रूट की खेती पर योगी सरकार दे रही भारी अनुदान
० 76 किसान स्ट्रॉबेरी, 106 किसान कर रहे ड्रैगनफ्रूट की खेती
सोनभद्र। किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के साथ नकदी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार बागवानी को लगातार प्रोत्साहन दे रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और अनुदान का लाभ उठाकर अब सोनभद्र के किसान ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती कर बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं। इससे जिले में बागवानी का रकबा लगातार बढ़ रहा है और किसानों का रुझान भी इन फसलों की ओर तेजी से बढ़ा है।
जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि वर्तमान में जनपद के 76 किसान लगभग 75 एकड़ क्षेत्रफल में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसका रकबा बढ़ाकर 100 एकड़ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं, 106 किसान 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 200 एकड़ तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि एकीकृत बागवानी मिशन के अंतर्गत प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक बागवानी अपनाने के लिए आकर्षक अनुदान उपलब्ध करा रही है। ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए किसानों को 2,70,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जाता है। यह फसल कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है और एक बार पौधे लगाने के बाद कई वर्षों तक उत्पादन मिलता रहता है। इसकी खेती से किसान प्रति एकड़ 5 से 6 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित कर सकते हैं।
इसी प्रकार स्ट्रॉबेरी की खेती को भी सरकार बढ़ावा दे रही है। इस फसल के लिए किसानों को 90,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान उपलब्ध कराया जाता है। स्ट्रॉबेरी की बाजार में अच्छी मांग होने के कारण किसान प्रति एकड़ 10 से 12 लाख रुपये तक का मुनाफा प्राप्त कर रहे हैं। यही कारण है कि जिले में अधिक से अधिक किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी आधारित खेती को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
उद्यान विभाग किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, उन्नत पौध सामग्री और खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकार का उद्देश्य किसानों को कम लागत में अधिक आय देने वाली फसलों की ओर प्रेरित करना है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके। विभाग को उम्मीद है कि निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ सोनभद्र प्रदेश में उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के प्रमुख केंद्रों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
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